देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने राज्य सरकार द्वारा की गई CBI जांच की घोषणा को अस्पष्ट बताते हुए आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। मंच का कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से की गई सिफारिश में न तो जांच के बिंदु स्पष्ट हैं और न ही यह निर्णय पीड़ित परिवार व आंदोलित जनता की मांगों के अनुरूप है।
शनिवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंच ने आरोप लगाया कि सरकार की घोषणा भ्रमित करने वाली है, क्योंकि इसमें पिछले तीन वर्षों से उठाई जा रही प्रमुख मांगों को शामिल नहीं किया गया है। मंच ने स्पष्ट किया कि CBI जांच हाईकोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए और जांच के बिंदु सार्वजनिक किए जाएं, ताकि प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे। साथ ही हत्याकांड से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाकर जिम्मेदार VIPs को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की गई।
मंच ने कहा कि जब तक इन मांगों पर स्पष्ट और आधिकारिक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसके तहत 10 जनवरी को देहरादून में मशाल जुलूस और 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद का आह्वान किया गया है। मंच का दो टूक कहना है कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष हर स्तर पर जारी रहेगा।