देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत एक निजी अस्पताल को सील कर दिया। अधिकारियों के अनुसार अस्पताल का निर्माण डॉ. कुश ऐरन द्वारा कराया गया था, लेकिन इसके लिए प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृति और अन्य आवश्यक अनुमतियां नहीं ली गई थीं।
अधिकारियों ने बताया कि बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करना और उसका संचालन करना नियमों के विरुद्ध है। जांच के दौरान अस्पताल निर्माण से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और स्वीकृतियां प्रस्तुत नहीं की गईं, जिसके बाद प्राधिकरण ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया।
प्राधिकरण के अनुसार संबंधित पक्ष को पहले भी नोटिस जारी कर निर्माण को वैध करने और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए निर्धारित समय भी दिया गया था, लेकिन तय अवधि में संतोषजनक जवाब या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए।
मंगलवार को एमडीडीए की प्रवर्तन टीम ने मौके पर पहुंचकर परिसर का निरीक्षण किया और औपचारिक रूप से अस्पताल को सील कर दिया। इस दौरान सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता, सुपरवाइजर सहित प्रवर्तन दल के अन्य सदस्य मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत मानचित्र के किसी भी प्रकार का निर्माण अवैध माना जाएगा और ऐसे मामलों में सीलिंग समेत अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उधर एमडीडीए ने अवैध निर्माणों पर रोक लगाने के लिए पछवादून क्षेत्र में भी निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर विकासनगर क्षेत्र के विभिन्न सेक्टरों में संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान कई निर्माणाधीन भवनों और परिसरों का निरीक्षण कर मानचित्र स्वीकृति, अनुमति पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच की गई।
जिन निर्माणकर्ताओं के पास वैध दस्तावेज नहीं मिले या जो संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, उन्हें चिन्हित कर लिया गया है। ऐसे मामलों में प्राधिकरण जल्द ही सीलिंग या ध्वस्तीकरण जैसी कड़ी कार्रवाई कर सकता है।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना मानचित्र स्वीकृति के किया गया कोई भी निर्माण पूरी तरह अवैध है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।