देहरादून। उत्तराखंड में जनगणना को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सभी 13 जिलों के जिलाधिकारी और 11 नगर निगमों के नगर आयुक्तों को प्रधान जनगणना अधिकारी बनाया गया है।
निदेशक जनगणना इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि जनगणना के पहले चरण में मकान सूचीकरण और भवन गणना की जाएगी। इसके लिए गली-मोहल्लों की मैपिंग गूगल मैप के माध्यम से की जाएगी और प्रत्येक प्रगणक को निर्धारित क्षेत्र की जियो टैगिंग के साथ सीमाएं तय की जाएंगी।
पांच हिस्सों में होगी भवन गणना
भवन गणना के लिए पूछे जाने वाले सवालों को पांच भागों में विभाजित किया गया है:
मकान की स्थिति (Condition of House)
परिवार से संबंधित जानकारी (Household Information)
घर में उपलब्ध सुविधाएं (Amenities)
संपत्ति (Assets)
अन्य जानकारी
24 प्रधान अधिकारी और हजारों कर्मी तैनात
जनगणना कार्य के लिए 13 जिलों के डीएम और 11 नगर निगमों के आयुक्तों सहित कुल 24 प्रधान जनगणना अधिकारी जिम्मेदारी संभालेंगे।
प्रदेशभर में कुल 30,839 सुपरवाइजर और प्रगणक इस कार्य में लगाए जाएंगे। जिलों और नगर निगमों में बड़ी संख्या में कर्मचारी तैनात किए जाएंगे, जो घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे।
तकनीक का होगा व्यापक इस्तेमाल
इस बार जनगणना प्रक्रिया को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल तकनीक और जियो टैगिंग का इस्तेमाल किया जाएगा। गूगल मैप के जरिए क्षेत्रों की मैपिंग कर प्रगणकों को जिम्मेदारी दी जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि इस बार जनगणना को पूरी तरह व्यवस्थित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाकर सटीक आंकड़े जुटाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।