नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है। आयकर विभाग के अनुसार अब तक 3 करोड़ से अधिक करदाताओं ने अपना ITR दाखिल कर दिया है।
आमतौर पर माना जाता है कि नई टैक्स व्यवस्था में 4 लाख रुपये और पुरानी टैक्स व्यवस्था में 2.5 लाख रुपये से कम सालाना आय होने पर ITR भरने की जरूरत नहीं होती। लेकिन आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(1) के तहत कुछ विशेष परिस्थितियों में कम आय होने के बावजूद भी ITR दाखिल करना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर भविष्य में कानूनी या वित्तीय परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
इन 6 स्थितियों में ITR भरना अनिवार्य
1. एक लाख रुपये या उससे अधिक का बिजली बिल
यदि पूरे वित्त वर्ष में आपके घर या व्यवसाय का बिजली बिल 1 लाख रुपये या उससे अधिक है, तो ITR दाखिल करना अनिवार्य होगा।
2. चालू खाते में 50 लाख रुपये से अधिक जमा
यदि किसी करंट अकाउंट (Current Account) में एक वित्त वर्ष के दौरान 50 लाख रुपये या उससे अधिक जमा किए गए हैं, तो ITR दाखिल करना जरूरी है।
3. विदेश यात्रा पर 2 लाख रुपये या अधिक खर्च
यदि आपने अपने या किसी अन्य व्यक्ति की विदेश यात्रा पर 2 लाख रुपये या उससे अधिक खर्च किए हैं, तो आपको ITR भरना होगा।
4. TDS/TCS की निर्धारित सीमा
यदि एक वित्त वर्ष में आपके बैंक खाते, एफडी या अन्य निवेश पर कुल 25,000 रुपये या उससे अधिक का TDS कटा है (वरिष्ठ नागरिकों के लिए 50,000 रुपये), तो ITR दाखिल करना आवश्यक है।
5. बचत खाते में 50 लाख रुपये या अधिक जमा
यदि आपके एक या एक से अधिक बचत खातों में वित्त वर्ष के दौरान कुल 50 लाख रुपये या उससे अधिक जमा हुए हैं, तो ITR फाइल करना अनिवार्य है।
6. विदेशी संपत्ति या विदेश से आय
यदि आपके नाम पर विदेश में कोई संपत्ति है या आपको विदेश से किसी प्रकार की आय प्राप्त होती है, तो आपको भी ITR दाखिल करना होगा।
समय पर ITR भरना क्यों जरूरी?
विशेषज्ञों के अनुसार समय पर ITR दाखिल करने से न केवल लेट फीस और संभावित कानूनी कार्रवाई से बचा जा सकता है, बल्कि बैंक लोन, वीजा आवेदन, आय प्रमाण और अन्य वित्तीय प्रक्रियाओं में भी सुविधा मिलती है। इसलिए यदि आप उपरोक्त किसी भी श्रेणी में आते हैं, तो 31 जुलाई 2026 से पहले अपना ITR अवश्य दाखिल करें।