उत्तराखंड में खिलाड़ियों को बड़ी सौगात, 243 पदों पर मिलेगी आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी

उत्तराखंड में खिलाड़ियों को बड़ी सौगात, 243 पदों पर मिलेगी आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी

देहरादून: उत्तराखंड में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता और आसान हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में खेल नीति-2021 के तहत उत्कृष्ट खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ सेवायोजन देने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके तहत विभिन्न विभागों में कुल 243 पदों पर खिलाड़ियों को राजपत्रित और अराजपत्रित पदों पर नियुक्ति दी जाएगी।

छह विभागों में 243 पदों पर नियुक्ति
कैबिनेट की मंजूरी के बाद खेल, युवा कल्याण, गृह, परिवहन, शिक्षा और वन समेत विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए पदों का समायोजन किया जाएगा। इनमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के आधार पर सरकारी सेवा में नियुक्ति देने का प्रावधान है।
सरकार की खेल नीति-2021 का उद्देश्य ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना है, जिन्होंने ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल, राष्ट्रीय खेलों समेत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश या राज्य के लिए पदक हासिल किए हैं।

माध्यमिक शिक्षा विभाग में 33 नए पद
कैबिनेट ने माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े एक अन्य प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सेवायोजन देने के लिए सहायक अध्यापक (व्यायाम) के लेवल-7 के कुल 1,898 सृजित पदों में से 33 पद सरेंडर किए जाएंगे। इनके एवज में अपर सहायक अध्यापक (व्यायाम) के लेवल-6 के 33 नए पद सृजित किए जाएंगे।

खिलाड़ियों को सीधे सरकारी सेवा का अवसर
आउट ऑफ टर्न सेवायोजन योजना के तहत पात्र खिलाड़ियों को सामान्य भर्ती प्रक्रिया में लंबी प्रतीक्षा किए बिना उनकी खेल उपलब्धियों के आधार पर सरकारी सेवा में नियुक्ति देने का प्रावधान है। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य खिलाड़ियों को खेल के साथ भविष्य की आर्थिक और रोजगार संबंधी सुरक्षा उपलब्ध कराना है।
विशेष सचिव खेल अमित सिन्हा के अनुसार, 243 पदों का खाका तैयार करते समय विभिन्न विभागों में पदों के समीकरण और लोक सेवा आयोग व सेवा चयन बोर्ड से संबंधित नियमों का ध्यान रखा गया है। सरकार का लक्ष्य खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों का लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना है।
सरकार की ओर से खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए गौलापार, हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय और ग्रामीण क्षेत्रों में ‘एक ब्लॉक, एक मिनी स्टेडियम’ जैसी योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। कैबिनेट के इस फैसले से प्रदेश के पदक विजेता खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के साथ सरकारी सेवा का अवसर भी मिलेगा।