रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर बुधवार सुबह भारी बारिश के बीच एक बार फिर भूस्खलन की घटना सामने आई। गौरीकुंड से लगभग एक किलोमीटर आगे छोड़ी के समीप केदारनाथ पैदल मार्ग पर भारी मात्रा में पत्थर और मलबा आने से यात्रा अस्थायी रूप से बाधित हो गई। घटना के बाद जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन और राहत एजेंसियों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु करने के लिए युद्धस्तर पर राहत एवं सफाई अभियान शुरू कर दिया।
सुबह 6:01 बजे मिली सूचना
जिला सूचना कार्यालय के अनुसार, सुबह 6:01 बजे जिला आपदा परिचालन केंद्र को सूचना मिली कि छोड़ी के पास पैदल मार्ग पर भारी मलबा और पत्थर गिरने से आवाजाही प्रभावित हो गई है। सूचना मिलते ही सेक्टर अधिकारी गौरीकुंड को मौके पर भेजा गया और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। अधिकारियों ने बताया कि मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू कराई जाएगी।
युद्धस्तर पर चल रहा मलबा हटाने का कार्य
प्रशासन के अनुसार, संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने, मार्ग को सुरक्षित बनाने और यात्रा बहाल करने में जुटी हैं। मशीनों और मानव संसाधनों की मदद से लगातार सफाई कार्य किया जा रहा है।
NDRF और SDRF भी अलर्ट पर
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि मार्ग को जल्द खोलने के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
मौके पर DDRF, YMF, आपदा मित्र, MPF और पुलिस की टीमें राहत एवं सुरक्षा कार्यों में लगी हुई हैं। वहीं, NDRF और SDRF की टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत उनकी सेवाएं ली जा सकें।
प्रशासन की श्रद्धालुओं से अपील
प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से धैर्य बनाए रखने और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना एवं दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। साथ ही अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही केदारनाथ पैदल यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।