देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मानसून के सक्रिय होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र ने विशेष विज्ञप्ति जारी कर 30 अगस्त से 2 सितंबर तक राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने इस दौरान संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट पर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अगले 48 घंटों में और स्पष्ट होकर आगे बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा मानसून टर्फ अमृतसर से इस सिस्टम तक फैली हुई है, जबकि उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इन मौसमी सिस्टमों के संयुक्त प्रभाव से उत्तराखंड में बारिश का दौर तेज हो सकता है।
30 अगस्त को कई जिलों में येलो अलर्ट
30 अगस्त को देहरादून, पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और बागेश्वर में भारी बारिश के साथ तीव्र से अति तीव्र बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
31 अगस्त को ऑरेंज अलर्ट
31 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, चमोली और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में भारी बारिश का येलो अलर्ट है।
1 और 2 सितंबर को भी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार 1 और 2 सितंबर को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार में भारी बारिश हो सकती है।
भूस्खलन और जलभराव का खतरा
भारी से बहुत भारी बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और मलबा आने की घटनाएं हो सकती हैं। इससे सड़कें और राजमार्ग अवरुद्ध होने की आशंका है। वहीं निचले इलाकों में जलभराव और नदी-गधेरों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी का खतरा भी बना रहेगा। विभाग ने लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की है।