आरटीआई में सूचना न देना पड़ा भारी, लोक सूचना अधिकारी पर ₹5 हजार जुर्माना

आरटीआई में सूचना न देना पड़ा भारी, लोक सूचना अधिकारी पर ₹5 हजार जुर्माना

देहरादून: उत्तराखंड सूचना आयोग ने सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराने पर एक लोक सूचना अधिकारी पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने संबंधित अधिकारी को भविष्य में आरटीआई कानून के प्रावधानों के प्रति लापरवाही नहीं बरतने की चेतावनी भी दी है।

राज्य सूचना आयुक्त कुशला नंद कोठियाल ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि लोक सूचना अधिकारी, नारसन ने अपीलकर्ता को मांगी गई सूचना उपलब्ध नहीं कराई। आयोग के अनुसार, विभाग के उच्च अधिकारियों की ओर से भी इस संबंध में निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद लोक सूचना अधिकारी ने अपीलकर्ता को जवाब नहीं दिया।
आयोग ने मामले की सुनवाई के दौरान संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी कर उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। हालांकि, आयोग के नोटिस के बाद भी अधिकारी सुनवाई में पेश नहीं हुए।

आयोग ने जताई नाराजगी
राज्य सूचना आयोग ने अधिकारी के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जनता की सेवा करने वाले अधिकारी से इस तरह के व्यवहार की अपेक्षा नहीं की जा सकती। आयोग ने आरटीआई अधिनियम के तहत सूचना उपलब्ध कराने में बरती गई लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए संबंधित लोक सूचना अधिकारी पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया।
आयोग ने साथ ही चेतावनी दी कि भविष्य में आरटीआई कानून के प्रावधानों के पालन में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। आदेश में अधिकारियों को सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों में निर्धारित प्रक्रिया और समयसीमा का पालन सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया है।