देहरादून: उत्तराखंड में नियुक्ति मिलने के बावजूद अब तक अपने तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले नवनियुक्त चिकित्सकों के लिए शासन ने अंतिम अवसर दिया है। 18 सितंबर 2026 को जारी शासनादेश के अनुसार संबंधित चिकित्सकों को अधिकतम तीन महीने के भीतर अपने तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना होगा। निर्धारित अवधि में ज्वाइन नहीं करने पर उनकी नियुक्ति पर आगे विचार नहीं किया जाएगा।
समय विस्तार मांगने पर मिला अंतिम मौका
महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. सुनीता टम्टा के अनुसार कई नवनियुक्त चिकित्सकों ने कार्यभार ग्रहण करने के लिए अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया था। शासन ने इन अनुरोधों को देखते हुए अधिकतम तीन महीने की मोहलत देने का निर्णय लिया है।
शासनादेश के अनुसार निर्धारित अवधि के भीतर कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले चिकित्सकों का अभ्यर्थन स्वतः निरस्त माना जाएगा। इसके बाद उन्हें ज्वाइनिंग का कोई अतिरिक्त अवसर नहीं दिया जाएगा।
20 डॉक्टरों ने अब तक नहीं संभाला कार्यभार
अब तक कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले चिकित्सकों में डॉ. संयम मोदी, डॉ. आस्था सिंह, डॉ. राहुल सिंह बर्तवाल, डॉ. मेहुल दत्त, डॉ. वैभव जिरोटिया, डॉ. अभी राज कटारिया, डॉ. रितेश करवरिया, डॉ. स्नेहा चौहान, डॉ. अरत सिंह, डॉ. भरत सिंह, डॉ. शैलेज शाह, डॉ. प्रकाश, डॉ. आयुषी सैनी, डॉ. कामना रावत, डॉ. ऋचा सेमवाल, डॉ. मो. आरिफ अंसारी, डॉ. चन्द्रेश सिंह मर्तोलिया, डॉ. गौरव रस्तोगी, डॉ. सोनिया रावत और डॉ. सुमित जोशी शामिल हैं।
शासन के इस निर्णय का उद्देश्य नियुक्ति के बाद लंबे समय से कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले चिकित्सकों को निर्धारित समय में तैनाती स्थल पर भेजना और स्वास्थ्य सेवाओं में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।