हरिद्वार में सड़क किनारे रोता मिला नवजात, महिला ने बचाई जान

हरिद्वार में सड़क किनारे रोता मिला नवजात, महिला ने बचाई जान

हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में रविवार तड़के सड़क किनारे एक नवजात शिशु मिलने से हड़कंप मच गया। ब्रह्मपुरी रविदास मंदिर मार्ग पर नवजात को कथित तौर पर सड़क किनारे छोड़ दिया गया था। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ लोग नवजात को उठाने के बजाय मोबाइल से वीडियो बनाने लगे। इसी बीच स्थानीय महिला कविता ने बच्चे को अपनी गोद में उठाकर उसकी देखभाल शुरू की और पुलिस को सूचना दी।


महिला के अनुसार, सुबह करीब चार बजे उसे बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुंचने पर नवजात सड़क किनारे पड़ा मिला। उसके शरीर पर चींटियां भी चल रही थीं। कविता ने बच्चे को उठाकर अंदर ले गईं, कपड़े से साफ किया और उसकी तत्काल देखभाल शुरू की। उन्होंने पुलिस की आपात सेवा 112 पर सूचना दी। इसके साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को भी मामले की जानकारी दी गई।


सूचना मिलने पर सिडकुल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद चाइल्ड हेल्पलाइन और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम भी वहां पहुंच गई। टीम ने नवजात को सुरक्षित संरक्षण में लेकर उसका मेडिकल परीक्षण कराया। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल बच्चा सुरक्षित है।

माता-पिता की तलाश में जुटी पुलिस
सिडकुल थाना प्रभारी अजय शाह ने बताया कि मामला रविवार सुबह करीब चार बजे का है। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग बाहर आए थे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम को भी बुलाया गया। फिलहाल बच्चे को चाइल्ड हेल्पलाइन के संरक्षण में भेज दिया गया है।
पुलिस नवजात के माता-पिता की जानकारी जुटा रही है। इसके लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि बच्चे को सड़क किनारे छोड़ने वाले व्यक्ति का पता लगाया जा सके।
वहीं, नवजात को अपनी गोद में उठाकर उसकी देखभाल करने वाली महिला कविता का बच्चे से भावनात्मक लगाव हो गया है। उन्होंने बच्चे को अपने पास रखकर उसका पालन-पोषण करने की इच्छा जताई है। हालांकि, बच्चे की आगे की देखभाल और संरक्षण को लेकर निर्णय संबंधित बाल कल्याण एवं प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत लिया जाएगा।