उत्तराखंड के दो शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित

उत्तराखंड के दो शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित

नई दिल्ली। राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 प्रदान किए गए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तराखंड के दो शिक्षकों को सम्मानित किया। इनमें हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय की शिक्षिका मनीषा निगम और पौड़ी जिले के प्रधानाध्यापक गबर सिंह बिष्ट शामिल हैं।


मनीषा निगम को उच्च शिक्षा में योगदान के लिए सम्मान
मनीषा निगम का चयन केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से नेशनल अवार्ड टू टीचर्स के लिए किया गया था। देशभर से चयनित 21 शिक्षकों में वह शामिल रहीं। यह पुरस्कार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों के उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देने के लिए प्रदान किया जाता है।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के तहत चयनित शिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र, 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि और रजत पदक प्रदान किया जाता है।


गबर सिंह बिष्ट को विद्यालयी शिक्षा में सम्मान
पौड़ी जिले के प्रधानाध्यापक गबर सिंह बिष्ट को विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड से एकमात्र शिक्षक के रूप में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिला। उन्होंने वर्ष 2003 से पौड़ी के राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुस्याखांद में सेवाएं दी हैं।
दूरस्थ क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए बिष्ट ने कई शैक्षिक नवाचार किए। उन्होंने गणित और विज्ञान जैसे विषयों को विद्यार्थियों के लिए सरल और रुचिकर बनाने के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म, आईसीटी, ई-कंटेंट और गूगल मीट जैसे तकनीकी माध्यमों का प्रभावी इस्तेमाल किया।
कोरोना महामारी के दौरान जब स्कूलों में नियमित कक्षाएं प्रभावित थीं, तब उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गबर सिंह बिष्ट को इससे पहले राज्यपाल पुरस्कार और शैलेश मटियानी राज्य शिक्षक पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने से उत्तराखंड के शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदान को एक नई पहचान मिली है।