सड़कों पर आवारा पशु दिखे तो खैर नहीं, DM ने कसा शिकंजा, पशुओं को छोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

सड़कों पर आवारा पशु दिखे तो खैर नहीं, DM ने कसा शिकंजा, पशुओं को छोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

देहरादून में आवारा पशुओं पर प्रशासन सख्त, 55,487 स्ट्रीट डॉग का बंध्याकरण; पालतू कुत्तों का पंजीकरण होगा अनिवार्य
देहरादून। आवारा पशुओं और निराश्रित गोवंश की बढ़ती समस्या को लेकर देहरादून जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शनिवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर नगर निकायों को आवारा श्वानों और पशुओं का विस्तृत सर्वे कर प्रमाणिक डेटा तैयार करने और उसे पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए।

आवारा श्वानों का तैयार होगा सटीक डेटा
बैठक में उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में Animal Birth Control (ABC) और Anti-Rabies Vaccination (ARV) कार्यक्रम की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने आवारा श्वानों की संख्या का विस्तृत सर्वे कराने के साथ उनके बंध्याकरण और टीकाकरण की व्यवस्था प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए। इससे आवारा श्वानों की संख्या नियंत्रित करने के साथ रेबीज के खतरे को कम करने में मदद मिलेगी।

पालतू कुत्तों का होगा अनिवार्य पंजीकरण
जिलाधिकारी ने पालतू श्वानों का अनिवार्य पंजीकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। डोईवाला, विकासनगर और ऋषिकेश में श्वानों के बंध्याकरण एवं शल्य चिकित्सा के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया भी जल्द पूरी करने को कहा गया।

सड़कों पर गोवंश छोड़ने वालों पर कार्रवाई
सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गोवंश को तत्काल कांजीहाउस पहुंचाने और उनकी समुचित देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सड़कों पर गोवंश को लावारिस छोड़ने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने को कहा गया।

55,487 स्ट्रीट डॉग का हो चुका बंध्याकरण
सीनियर वेटरनरी ऑफिसर डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि देहरादून नगर निगम क्षेत्र में अब तक 55,487 स्ट्रीट डॉग का बंध्याकरण किया जा चुका है। वर्तमान में 72 डॉग केनल बनाए जा चुके हैं, जबकि 144 केनल का निर्माण प्रगति पर है। इनके पूरा होने के बाद करीब 300 श्वानों को रखने की क्षमता उपलब्ध होगी। नगर निगम क्षेत्र में 25 डॉग फीडिंग स्पॉट बनाए गए हैं और पालतू श्वानों के 1,117 लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं।

883 निराश्रित गोवंश कांजीहाउस में संरक्षित
केदारपुरम स्थित कांजीहाउस में फिलहाल 347 गोवंशीय पशुओं की देखभाल की जा रही है, जबकि सेलाकुई के शंकरपुर स्थित कांजीहाउस में 536 पशु रखे गए हैं। निराश्रित पशुओं को पकड़ने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) के साथ चार पशुवाहन भी तैनात किए गए हैं।

मार्च से अब तक 109 बंदर पकड़े गए
नगर निगम क्षेत्र में मार्च 2026 से अब तक 109 बंदरों को पकड़ा गया है। इन्हें सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ा गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को पशु प्रबंधन से जुड़े कार्यों में तेजी लाने और व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।