साबुन-शैंपू में भी चलेगा वेज-नॉनवेज का डॉट, हरा हुआ तो शाकाहारी, लाल-भूरा तो गैर-शाकाहारी, नया नियम लागू

साबुन-शैंपू में भी चलेगा वेज-नॉनवेज का डॉट, हरा हुआ तो शाकाहारी, लाल-भूरा तो गैर-शाकाहारी, नया नियम लागू

नई दिल्ली। अब साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट, कॉस्मेटिक्स और अन्य टॉयलेटरीज के पैकेट देखकर यह पता लगाना आसान होगा कि उनमें इस्तेमाल सामग्री शाकाहारी मूल की है या गैर-शाकाहारी मूल की। केंद्र सरकार ने Legal Metrology (Packaged Commodities) Rules, 2011 में संशोधन करते हुए इन उत्पादों की पैकेजिंग पर वेज और नॉनवेज मूल की पहचान के लिए रंगीन डॉट लगाने का प्रावधान किया है। नई अधिसूचना 21 सितंबर 2026 को जारी हुई और उसी दिन से प्रभावी हो गई।

हरे और लाल-भूरे डॉट से होगी पहचान
नई व्यवस्था के तहत शाकाहारी मूल के उत्पाद पर हरे रंग का डॉट लगाया जाएगा। वहीं गैर-शाकाहारी मूल के उत्पाद पर लाल या भूरे रंग का डॉट होगा। यह निशान पैकेट के मुख्य डिस्प्ले पैनल के सबसे ऊपर लगाया जाना है। इसका दायरा साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट, अन्य कॉस्मेटिक्स और टॉयलेटरीज तक है।

क्या यह बिल्कुल नया नियम है?
इस प्रावधान की जड़ें पुरानी हैं। 2014 में Legal Metrology Rules में साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट और अन्य कॉस्मेटिक्स-टॉयलेटरीज के लिए इसी तरह के लाल/भूरे और हरे डॉट का प्रावधान किया गया था। सितंबर 2026 की अधिसूचना में इसे नियम 6(4A) में नए क्लॉज के रूप में शामिल किया गया है और पुराने नियम 6(8) को हटा दिया गया है।

ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा?
इस बदलाव से ग्राहकों को किसी साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट या कॉस्मेटिक की पैकेजिंग पर मौजूद निर्धारित निशान से उसके मूल की जानकारी मिल सकेगी। यानी खरीदारी के दौरान ग्राहक इस जानकारी को पैकेट के मुख्य हिस्से पर ही देख सकेंगे।
सरकार की अधिसूचना के अनुसार, यह संशोधन Legal Metrology (Packaged Commodities) Fourth Amendment Rules, 2026 के तहत किया गया है और आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन के साथ प्रभावी हो गया है।