देवभूमि उद्यमिता योजना बूट कैंप में युवाओं को मिला स्टार्टअप और स्वरोजगार का मंत्र

देवभूमि उद्यमिता योजना बूट कैंप में युवाओं को मिला स्टार्टअप और स्वरोजगार का मंत्र

एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी में देवभूमि उद्यमिता बूट कैंप आयोजित

हल्द्वानी, 05 जून 2026। उत्तराखण्ड शासन एवं भारतीय उद्यमिता संस्थान (EDII), अहमदाबाद के संयुक्त तत्वावधान में संचालित राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत एम बी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, हल्द्वानी में एक दिवसीय बूट कैंप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ भारतीय उद्यमिता संस्थान, अहमदाबाद के महानिदेशक एवं मुख्य अतिथि डॉ० सुनील शुक्ला ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो० एन एस बनकोटी ने की, जबकि कार्यक्रम के समन्वयक डॉ० प्रेम प्रकाश  एवं संचालक डॉ० नवल किशोर लोहानी रहे।

कार्यक्रम के प्रारम्भ में समन्वयक डॉ० प्रेम प्रकाश ने देवभूमि उद्यमिता योजना की रूपरेखा, उद्देश्यों तथा युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड सरकार द्वारा संचालित यह योजना युवाओं में उद्यमशीलता की भावना विकसित कर उन्हें स्वरोजगार एवं रोजगार सृजन के लिए सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्य अतिथि डॉ. सुनील शुक्ला ने अपने प्रेरणादायी एवं संवादात्मक व्याख्यान में कहा कि *उद्यमिता केवल व्यवसाय स्थापित करने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त साधन है।* उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार, नेतृत्व क्षमता, जोखिम प्रबंधन एवं आत्मविश्वास विकसित करने पर बल देते हुए कहा कि आज का युवा नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार प्रदान करने वाला बन सकता है।

अपने उद्बोधन में उन्होंने देश के अनेक सफल उद्यमियों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार दूरदर्शिता, परिश्रम एवं नवाचार के माध्यम से छोटे विचार भी बड़े उद्योगों का रूप ले सकते हैं। उन्होंने भारती एयरटेल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, ओयो, फार्मास्यूटिकल क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों तथा विनिर्माण क्षेत्र की अन्य सफल इकाइयों के उदाहरण प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों को उद्यमिता के व्यावहारिक पक्षों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में स्टार्टअप संस्कृति भारत की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है तथा युवाओं के लिए इसमें असीम संभावनाएं उपलब्ध हैं।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित संवाद सत्र में छात्र-छात्राओं ने उद्यमिता, स्टार्टअप स्थापना, वित्तीय सहायता, व्यवसाय प्रबंधन, विपणन रणनीतियों एवं नवाचार से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे। डॉ. शुक्ला ने सभी प्रश्नों के व्यावहारिक एवं प्रेरणादायी उत्तर देकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। यह सत्र अत्यंत रोचक एवं ज्ञानवर्धक रहा तथा विद्यार्थियों ने इसे अपने भविष्य के लिए उपयोगी बताया।

इस अवसर पर देवभूमि उद्यमिता योजना की नोडल अधिकारी डॉ० तनुजा मलकानी एवं डॉ० सविता भंडारी  सहित 50 से अधिक छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों एवं प्राध्यापकों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम में देवभूमि उद्यमिता बूट कैंप के सफल प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि डॉ० सुनील शुक्ला द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को अपने अनुभव अन्य युवाओं के साथ साझा करने तथा उद्यमिता विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। प्रशस्ति-पत्र प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने बताया कि इस प्रशिक्षण ने उन्हें नवाचार आधारित सोच विकसित करने, व्यावसायिक अवसरों की पहचान करने तथा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया है।

अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य प्रो० एन एस बनकोटी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप उद्यमिता शिक्षा युवाओं को आत्मनिर्भर एवं नवाचारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से देवभूमि उद्यमिता योजना का अधिकतम लाभ उठाने तथा अपने नवाचारी विचारों को स्टार्टअप के रूप में विकसित करने का आह्वान किया।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कार्यक्रम के उपरांत मुख्य अतिथि डॉ० सुनील शुक्ला, प्राचार्य प्रो० एन एस बनकोटी, समन्वयक डॉ० प्रेम प्रकाश, नोडल अधिकारियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों द्वारा महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर सभी ने पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य प्रो० एन एस बनकोटी ने मुख्य अतिथि, आयोजकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं में नवाचार, नेतृत्व क्षमता एवं आत्मनिर्भरता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. नवल किशोर लोहानी द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।