नई दिल्ली/देहरादून। साइबर धोखाधड़ी के मामलों में पीड़ितों को राहत देते हुए भारत सरकार के गृह मंत्रालय (I4C) ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के अंतर्गत नया Money Restoration Module (MRM) Portal लॉन्च किया है। अब साइबर अपराध के पीड़ित अपनी फ्रीज (Hold) की गई धनराशि वापस पाने के लिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
एसटीएफ उत्तराखण्ड के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिन पीड़ितों ने समय रहते NCRP पोर्टल या 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है और उनकी रकम अपराधियों के खातों में होल्ड कर दी गई है, वे इस नई सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
नई व्यवस्था के तहत कई मामलों में ₹50,000 तक की होल्ड राशि के लिए एफआईआर या न्यायालय के आदेश की आवश्यकता नहीं होगी तथा पुलिस रिपोर्ट और आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर धनराशि सीधे पीड़ित के बैंक खाते में वापस की जा सकेगी। वहीं ₹50,000 से अधिक राशि वाले मामलों में नियमानुसार एफआईआर दर्ज होने के बाद पूरी प्रक्रिया MRM पोर्टल के माध्यम से संपादित की जाएगी।
पीड़ित https://mrm-ncrp.mha.gov.in/ पर जाकर मोबाइल नंबर और शिकायत संख्या के माध्यम से लॉगिन कर ऑनलाइन रिफंड अनुरोध दर्ज कर सकते हैं। आवेदन की स्थिति भी पोर्टल पर उपलब्ध यूनिक रिक्वेस्ट आईडी के माध्यम से ट्रैक की जा सकेगी।
एसटीएफ ने नागरिकों से अपील की है कि साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें, ताकि समय रहते धनराशि को होल्ड कराया जा सके। साथ ही रिफंड के नाम पर किसी भी बिचौलिए या अज्ञात व्यक्ति को पैसे न देने की सलाह दी गई है।
यह नई व्यवस्था साइबर ठगी के पीड़ितों के लिए राहतभरी पहल साबित होगी और धनवापसी प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक सरल, तेज एवं पारदर्शी बनाएगी।