देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इनर लाइन परमिट (ILP) जारी करने की प्रक्रिया अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी गई है।
जिला प्रशासन ने जारी आदेश में कहा है कि मानसून के कारण पर्वतीय इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने और अन्य प्राकृतिक जोखिम बढ़ गए हैं। ऐसे हालात में यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि मौसम सामान्य होने और नए आदेश जारी होने तक यात्रा की योजना स्थगित रखें।
प्रशासन के अनुसार, 1 जुलाई 2026 तक 103 इनर लाइन परमिट जारी किए गए, जबकि वर्ष 2026 में अब तक कुल 52,441 परमिट जारी किए जा चुके हैं। कुमाऊं के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
उधर, मौसम विभाग ने प्रदेश में 1 से 4 जुलाई तक कई जिलों में भारी बारिश का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बारिश का असर विभिन्न पर्वतीय क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। रुद्रप्रयाग के गौरीकुंड में पैदल मार्ग पर मलबा आने से एक दुकान भी इसकी चपेट में आ गई, हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
इसके अलावा ऋषिकेश-केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी कई स्थानों पर पत्थर गिरने और भूस्खलन की घटनाओं से यातायात प्रभावित हुआ है। गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा फिलहाल स्थगित रखने का निर्णय लिया है।