एआई युग में भी शिक्षकों की भूमिका अहम, ग्राफिक एरा में गुरुदक्षता का आयोजन

एआई युग में भी शिक्षकों की भूमिका अहम, ग्राफिक एरा में गुरुदक्षता का आयोजन

देहरादून, 6 जुलाई। ग्राफिक एरा में शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों, एआई एवं डिजिटल लर्निंग, और जीवन मूल्य आधारित शिक्षा का प्रशिक्षण दिया गया।

ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों की ट्रेनिंग देने के लिए  सात दिवसीय फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम का आयोजन गुरुदक्षता 2.0 नाम से किया गया। एफआईपी के समापन समारोह में मुख्य अतिथि, उत्तराखंड शासन के तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव डा. रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विषयगत ज्ञान देना नहीं, बल्कि छात्र छात्राओं में जीवन कौशल विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि एआई के युग में भी शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि तकनीक जानकारी दे सकती है, लेकिन सही मार्गदर्शन और मूल्य केवल शिक्षक ही प्रदान कर सकता है। उन्होंने शिक्षकों से प्रत्येक छात्र छात्रा की सीखने की गति को समझने और धीमी गति से सीखने वाले छात्र छात्राओं को भी समान अवसर व प्रोत्साहन देने का आह्वान किया।

कुलपति डॉ० नरपिंदर सिंह ने कहा कि शिक्षक छात्र-छात्राओं के भविष्य के निर्माता होते हैं। उन्होंने शिक्षकों से नवाचार, शोध, नैतिक मूल्यों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि जिम्मेदार, संवेदनशील और सक्षम नागरिक तैयार करना है।

इस फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट सेंटर ने किया। कार्यक्रम में प्रो वीसी डॉ० संतोष एस सर्राफ, कुलसचिव डॉ० नरेश कुमार शर्मा और शिक्षक शिक्षिकाएं शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन डॉ० भारती शर्मा ने किया।