उत्तराखंड के वीर सपूत शहीद बलवंत सिंह खेतवाल को नम आंखों से अंतिम विदाई, उमड़ा जनसैलाब

उत्तराखंड के वीर सपूत शहीद बलवंत सिंह खेतवाल को नम आंखों से अंतिम विदाई, उमड़ा जनसैलाब

हल्द्वानी/बागेश्वर: मणिपुर में उग्रवादियों के हमले में शहीद हुए असम राइफल्स के वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह खेतवाल का पार्थिव शरीर बुधवार को उनके हल्द्वानी स्थित आवास पहुंचा। तिरंगे में लिपटे वीर सपूत को देखते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पत्नी बेसुध हो गईं, जबकि क्षेत्रवासियों ने नम आंखों से अपने वीर जवान को अंतिम श्रद्धांजलि दी।
पार्थिव शरीर के घर पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में लोगों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद शहीद की अंतिम यात्रा पूरे सम्मान के साथ रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट के लिए रवाना हुई, जहां सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरा क्षेत्र “भारत माता की जय” तथा “बलवंत सिंह अमर रहें” के नारों से गूंज उठा।

गौरतलब है कि बागेश्वर जिले के तुपेड़ (वन डूंगरा) गांव निवासी और वर्तमान में नैनीताल जिले के मोतीनगर, हल्द्वानी में रह रहे बलवंत सिंह खेतवाल वर्ष 1991 में असम राइफल्स में भर्ती हुए थे। बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए उन्होंने करीब दस वर्ष पहले हल्द्वानी में अपना घर बनाया था।

सोमवार को मणिपुर के उखरुल जिले में 40 असम राइफल्स के काफिले पर उग्रवादियों ने घात लगाकर आईईडी विस्फोट और अंधाधुंध फायरिंग की थी। इस हमले में वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह खेतवाल और हवलदार चंद्रमोहन सिंह मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।


शहीद बलवंत सिंह अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और दो बेटियों का परिवार छोड़ गए हैं। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि छोटी बेटी देहरादून में बीकॉम की पढ़ाई कर रही है और बेटा हाईस्कूल का छात्र है। शहीद की अंतिम विदाई के दौरान पूरे क्षेत्र में शोक की लहर रही और लोगों ने उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।