हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर को मिली रफ्तार, सीएम धामी ने 213 करोड़ की चार परियोजनाओं का किया शिलान्यास

हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर को मिली रफ्तार, सीएम धामी ने 213 करोड़ की चार परियोजनाओं का किया शिलान्यास

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के तहत करीब 235 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। उत्तराखंड निवेश एवं आधारिक संरचना विकास बोर्ड के माध्यम से संचालित यह महत्वाकांक्षी योजना हरिद्वार को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक और पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा कॉरिडोर परियोजना का उद्देश्य तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और हरिद्वार की आधारभूत संरचना को आधुनिक बनाना है।

इन परियोजनाओं का हुआ शिलान्यास

गंगा कॉरिडोर के प्रथम चरण में निम्नलिखित परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया—

  • 43.25 करोड़ रुपये की लागत से प्रशासनिक मार्ग का निर्माण।
  • 66.75 करोड़ रुपये से हर की पैड़ी और सुभाष घाट का पुनर्विकास।
  • 66.34 करोड़ रुपये की लागत से हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना का विकास।
  • 58.34 करोड़ रुपये से रोड़ी बेलवाला क्षेत्र का पुनर्विकास।

विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी बनेगा हरिद्वार

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हरिद्वार में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आधुनिक एवं बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्य तय समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।

धार्मिक पर्यटन के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर भी फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हरिद्वार के विकास को केवल धार्मिक पर्यटन तक सीमित नहीं रख रही है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधुनिक नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर भी समान रूप से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों की इसी गति को आगे भी लगातार जारी रखेगी।

कुंभ की तैयारियों को मिलेगी मजबूती

सीएम धामी ने कहा कि आगामी कुंभ मेले को देखते हुए हरिद्वार में घाटों, पुलों, संपर्क मार्गों और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। गंगा कॉरिडोर परियोजना से श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक सुगम होगी और हरिद्वार की वैश्विक धार्मिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी।