भारत पहली बार हुंडई विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज की मेजबानी करने जा रहा है। प्रतियोगिता का तीसरा चरण 5 से 9 सितंबर 2026 तक गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित किया जाएगा। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में 19 देशों के 109 पैरा तीरंदाज हिस्सा लेंगे।
यह प्रतियोगिता भारत के लिए खास है, क्योंकि देश पहली बार विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज के किसी चरण की मेजबानी कर रहा है। प्रतियोगिता में रिकर्व, कंपाउंड, W1 और दृष्टिबाधित वर्गों में मुकाबले होंगे। भारत के अलावा चीन, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका, मैक्सिको, चेकिया समेत कई देशों के खिलाड़ी इसमें हिस्सा लेंगे।
29 सदस्यीय भारतीय टीम लेगी हिस्सा
भारत की ओर से 29 सदस्यीय पैरा तीरंदाजी टीम प्रतियोगिता में उतरेगी। टीम में पेरिस पैरालंपिक पदक विजेता शीटल देवी, राकेश कुमार और हरविंदर सिंह के अलावा विश्व चैंपियन तीरंदाज टोमन कुमार समेत कई प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं। विश्व रैंकिंग में नंबर-1 शीतल देवी और टोमन कुमार भारतीय चुनौती की अगुवाई करेंगे।
भारत ने इस वर्ष बैंकॉक में आयोजित सीरीज के पहले चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया था। ऐसे में घरेलू मैदान पर भारतीय तीरंदाजों से एक बार फिर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है।
5 से 9 सितंबर तक होंगे मुकाबले
अहमदाबाद चरण की शुरुआत 5 सितंबर को रिकर्व वर्ग के क्वालीफिकेशन मुकाबलों से होगी। 6 सितंबर को कंपाउंड, W1 और दृष्टिबाधित वर्गों के क्वालीफिकेशन मुकाबले होंगे। 7 और 8 सितंबर को एलिमिनेशन और टीम मुकाबले होंगे, जबकि 9 सितंबर को व्यक्तिगत वर्गों के फाइनल खेले जाएंगे।
हुंडई विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज 2026 का पहला चरण अप्रैल में बैंकॉक और दूसरा चरण जून-जुलाई में चेकिया के नोवे मेस्टो में आयोजित हुआ था। अहमदाबाद में होने वाला मुकाबला सीरीज का तीसरा चरण है, जबकि अंतिम चरण अक्टूबर में चिली के सैंटियागो में आयोजित किया जाएगा।
अहमदाबाद में विश्व स्तरीय पैरा तीरंदाजों की मौजूदगी से भारत में पैरा तीरंदाजी को बढ़ावा मिलने के साथ ही देश के खिलाड़ियों को घरेलू मैदान पर उच्च स्तर की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का अनुभव मिलेगा। विश्व तीरंदाजी ने भी इसे भारत की अंतरराष्ट्रीय मेजबानी की ऐतिहासिक शुरुआत बताया है।