देहरादून। प्रोफेसर सतपाल सिंह बिष्ट को कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल का नया कुलपति नियुक्त किया गया है। कुलाधिपति की ओर से गुरुवार को उनकी नियुक्ति का आदेश जारी किया गया। वह कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष या अग्रिम आदेश तक, जो भी पहले हो, कुलपति के पद पर कार्य करेंगे।
कुलाधिपति की ओर से जारी आदेश के अनुसार, कुलपति पद के दायित्वों के लिए की गई अंतरिम व्यवस्था संबंधी पूर्व आदेश को निरस्त कर दिया गया है। इसके बाद उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम-1973 (यथाप्रवृत्त उत्तराखंड राज्य) की धारा-12 की उपधारा (1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट की नियुक्ति की गई है।
उच्च शिक्षा और शोध का 30 साल से अधिक अनुभव
प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट वर्तमान में सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के कुलपति के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उन्हें उच्च शिक्षा, शिक्षण, शोध और विश्वविद्यालय प्रशासन का 30 साल से अधिक का अनुभव है। उन्होंने एमएससी, पीएचडी और डीएससी की उपाधियां प्राप्त की हैं।
शोध के क्षेत्र में भी प्रो. बिष्ट का लंबा अनुभव है। उनके नाम 183 शोधपत्र, 37 पुस्तक अध्याय और चार पुस्तकें/मोनोग्राफ प्रकाशित हैं। वह नौ वित्तपोषित शोध परियोजनाओं का संचालन कर चुके हैं और 23 पीएचडी शोधार्थियों का मार्गदर्शन कर चुके हैं। उनके नाम 69 एनसीबीआई जेनबैंक/एसआरए सबमिशन भी दर्ज हैं।
कुमाऊं विश्वविद्यालय में पहले भी संभाली कई जिम्मेदारियां
प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट का कुमाऊं विश्वविद्यालय से पहले भी जुड़ाव रहा है। उन्होंने यहां प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, बायो-मेडिकल साइंसेज संकाय के डीन, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के निदेशक, परीक्षा नियंत्रक और राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के नोडल अधिकारी सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं।
वर्ष 2020 में उन्होंने प्रवेश, प्लेसमेंट और काउंसलिंग के प्रभारी प्रोफेसर के रूप में भी कार्य किया। इसके अलावा वह एनआईआरएफ के समन्वयक तथा नैक, एनआईआरएफ और आईक्यूएसी से जुड़े मामलों में कुलपति के नामित प्रतिनिधि रहे हैं।
प्रो. बिष्ट का शोध कार्य मृदा विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और माइक्रोबायोलॉजी जैसे विषयों से जुड़ा रहा है। उनके शोधपत्र भारत के अलावा जर्मनी, नीदरलैंड, फ्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, स्विट्जरलैंड और ब्राजील सहित कई देशों की शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं।
शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें कई सम्मान भी मिल चुके हैं। इनमें भारत गौरव अवॉर्ड-2026, राष्ट्रीय गौरव अवॉर्ड-2011, उत्तराखंड रत्न अवॉर्ड-2018 और इंडो-एशियन डिस्टिंग्विश्ड साइंटिस्ट अवॉर्ड-2021 शामिल हैं।
प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट की कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर नियुक्ति के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन, उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उनके अनुभव का लाभ मिलने की उम्मीद है।