नई दिल्ली: भारत की अध्यक्षता में 18वां ब्रिक्स सम्मेलन आज से नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू होगा। दो दिनों तक चलने वाले इस उच्चस्तरीय सम्मेलन में विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्था वाले 21 देश हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन का मुख्य विषय “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” है।
सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के नेता वैश्विक शासन व्यवस्था, बहुपक्षवाद, व्यापार एवं निवेश, प्रौद्योगिकी, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, आपदा प्रबंधन तथा आवश्यक आपूर्ति श्रृंखला जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन शामिल होंगे। इथियोपिया के प्रधानमंत्री आबी अहमद और अबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
ब्राजील का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री माउरो विएरा करेंगे, जबकि सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल-सऊद सम्मेलन में शामिल होंगे।
पहले सत्र से होगी शुरुआत
सम्मेलन की शुरुआत “समावेशी वैश्विक शासन व्यवस्था और बहुपक्षवाद को मजबूत करना” विषय पर सत्र के साथ होगी। इसके बाद ब्रिक्स नेता भारत मंडपम में ‘भारत इनोवेट्स’ प्रदर्शनी का दौरा करेंगे। सदस्य देशों के नेता सामूहिक रूप से वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। दिन के कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में रात्रिभोज का आयोजन होगा।
सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी कई ब्रिक्स नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। इनमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, अबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, इथियोपिया के प्रधानमंत्री आबी अहमद अली, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग के साथ प्रस्तावित बैठकें शामिल हैं।