चीन ने तैयार की पानी के अंदर चलने वाली ‘जासूस मछली’, 69 सेंटीमीटर लंबी रोबोटिक फिश की खासियत जानें

चीन ने तैयार की पानी के अंदर चलने वाली ‘जासूस मछली’, 69 सेंटीमीटर लंबी रोबोटिक फिश की खासियत जानें

चीन ने बनाई असली अरोवाना जैसी रोबोटिक मछली, पानी के भीतर 12 घंटे तक कर सकती है तैराकी
नई दिल्ली। चीन में मछली के आकार और उसकी तैरने की शैली से प्रेरित एक रोबोटिक मछली विकसित की गई है। फुलडेप्थ (FullDepth) नाम की यह रोबोटिक मछली देखने में काफी हद तक महंगी एक्वेरियम मछली अरोवाना यानी ड्रैगन फिश जैसी दिखाई देती है। इसे पानी के भीतर दूर से संचालित किए जाने वाले वाहन के रूप में विकसित किया गया है और इसका इस्तेमाल अंडरवॉटर निगरानी समेत विभिन्न कार्यों में किया जा सकता है।

अरोवाना जैसी दिखती है रोबोटिक मछली
रोबोटिक मछली की लंबाई करीब 69 सेंटीमीटर, ऊंचाई 20 सेंटीमीटर और वजन लगभग 3.8 किलोग्राम बताया गया है। इसका शरीर मुलायम और लचीला बनाया गया है। इसके निर्माण में सिलिकॉन का इस्तेमाल किया गया है। इंटीग्रेटेड मोल्डिंग और मैटेलिक कोटिंग के जरिए इसके शरीर पर अरोवाना मछली जैसी चमकदार स्केल्स तैयार की गई हैं। इसे सुनहरे और लाल रंग में पेश किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके रंग को कस्टमाइज भी किया जा सकता है।
कंपनी का दावा है कि वास्तविक मछलियों के बीच तैरने पर इस रोबोटिक मछली को पहचानना मुश्किल हो सकता है। इसका डिजाइन इसी तरह तैयार किया गया है कि यह पानी में प्राकृतिक तरीके से तैरती हुई नजर आए।

प्रोपेलर की जगह बायोनिक तकनीक
फुलडेप्थ रोबोटिक मछली में पारंपरिक प्रोपेलर की जगह बायोनिक सॉफ्ट-बॉडी प्रोपल्शन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसी तकनीक की मदद से इसका लचीला शरीर मछली की तरह गति करता है और यह पानी के भीतर करीब 1.9 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तैर सकती है।
इसमें लिथियम बैटरी लगाई गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक बार चार्ज करने पर यह करीब 10 से 12 घंटे तक संचालन कर सकती है। इसमें वायरलेस इंडक्टिव चार्जिंग प्लेटफॉर्म भी दिया गया है।

AI और सेंसर सिस्टम से नियंत्रित होगी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रोबोटिक मछली में फिश न्यूरो-ड्राइव मॉडल नाम की प्रणाली का इस्तेमाल किया गया है। इसमें AI एल्गोरिदम के साथ हाई-प्रिसिजन एटीट्यूड और सेंसर कंट्रोल तकनीक शामिल है। यह सिस्टम रोबोट को पानी में संतुलन बनाए रखने और मछली की तरह सामान्य तरीके से तैरने में मदद करता है।
बायोमिमेटिक यानी प्रकृति से प्रेरित रोबोटिक सिस्टम का इस्तेमाल पानी के भीतर निगरानी, वैज्ञानिक अनुसंधान और अन्य अंडरवॉटर गतिविधियों में संभावित रूप से किया जा सकता है। हालांकि, इसके वास्तविक उपयोग और तैनाती का दायरा संबंधित तकनीकी परीक्षणों और संचालन संबंधी जरूरतों पर निर्भर करेगा।