फर्जी ट्रेडिंग एप से दंपती को लगाया 25 लाख का चूना, पहले 10 हजार लौटाकर जीता भरोसा

फर्जी ट्रेडिंग एप से दंपती को लगाया 25 लाख का चूना, पहले 10 हजार लौटाकर जीता भरोसा

देहरादून। शेयर बाजार में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने नेहरू कॉलोनी क्षेत्र के एक दंपती से 25 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क कर दंपती को एक फर्जी निवेश समूह से जोड़ा और बाद में फर्जी ट्रेडिंग एप डाउनलोड कराकर रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा ली। मामले में दून साइबर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


व्हाट्सऐप पर महिला ने किया संपर्क
सुमन विहार, नेहरू कॉलोनी निवासी मौलश्री उनियाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि अगस्त के पहले सप्ताह में उनके पति कमल उनियाल के व्हाट्सऐप पर एक संदेश आया था। इसमें शिखा शर्मा नाम की महिला ने खुद को ‘सस्कुहन्ना इन्वेस्टमेंट क्लब’ का असिस्टेंट बताया और शेयर बाजार में निवेश से भारी मुनाफा होने का दावा किया।
आरोपियों ने दंपती को एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया। ग्रुप में पहले से मौजूद सदस्य कथित तौर पर शेयर बाजार में मुनाफा होने के स्क्रीनशॉट साझा करते थे। इससे दंपती को निवेश योजना पर भरोसा होने लगा।


फर्जी ट्रेडिंग एप डाउनलोड कराई
इसके बाद आरोपियों ने दंपती से गूगल प्ले स्टोर से ‘निफ्टी पीडब्ल्यूएम’ और एप्पल स्टोर से ‘ग्रोएपीडब्ल्यूएन’ नाम के ट्रेडिंग एप डाउनलोड कराए। शुरुआत में दंपती को एप के जरिए 10 हजार रुपये निकालने की अनुमति दी गई। रकम वापस मिलने के बाद उनका विश्वास और बढ़ गया।
इसके बाद 26 अगस्त से 8 सितंबर के बीच आरोपियों ने अलग-अलग बैंक खातों में दंपती से कुल 25 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।


KYC के नाम पर दस्तावेज भी लिए
शिकायत के मुताबिक, रकम निकालने के लिए साइबर ठगों ने KYC के नाम पर दंपती से आधार कार्ड, पैन कार्ड और डिजिटल हस्ताक्षर भी एप पर अपलोड करा लिए। इसके बाद आरोपी और अधिक रकम जमा करने का दबाव बनाने लगे। तब दंपती को ठगी का संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच
दून साइबर थाना पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर थाने के इंस्पेक्टर देवेंद्र नबियाल के मुताबिक, जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर हुई है और वारदात में इस्तेमाल मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।