देहरादून: उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर का आकलन करने के लिए 5 अक्टूबर 2026 को परख परीक्षा का दूसरा चरण आयोजित किया जाएगा। शिक्षा सचिव ज्योति यादव के निर्देश पर एससीईआरटी ने परीक्षा की तैयारियां और समय-सारिणी तय की है। परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों की सीखने की स्थिति का आकलन कर कमजोर क्षेत्रों की पहचान करना और उसके आधार पर शैक्षणिक सुधार की रणनीति तैयार करना है।
इन कक्षाओं के विद्यार्थी होंगे शामिल
दूसरे चरण में कक्षा 2, 5 और 8 के विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। कक्षा 2 में भाषा और गणित, कक्षा 5 में भाषा, गणित और पर्यावरण अध्ययन (ईवीएस) तथा कक्षा 8 में भाषा, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे।
इस आकलन का फोकस केवल पाठ्यक्रम याद करने के बजाय विद्यार्थियों की वास्तविक दक्षताओं और सीखने के स्तर को समझने पर है। पहले से तय व्यवस्था के अनुसार आकलन के परिणामों का विश्लेषण कर कमजोर दक्षताओं वाले विद्यार्थियों के लिए सुधारात्मक शिक्षण की व्यवस्था की जानी है।
स्कूलों को शत-प्रतिशत भागीदारी के निर्देश
शिक्षा विभाग ने संबंधित विद्यालयों को परीक्षा में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण वंदना गर्ब्याल ने भी संबंधित कक्षाओं के अधिक से अधिक विद्यार्थियों को आकलन में शामिल कराने के निर्देश दिए हैं।
कमजोरियों की पहचान कर होगा सुधारात्मक शिक्षण
परख परीक्षा के जरिए विद्यार्थियों की विषयवार सीखने की स्थिति का पता लगाया जाएगा। इसके आधार पर यह पहचानने में मदद मिलेगी कि विद्यार्थी किन विषयों या दक्षताओं में पीछे हैं। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार सुधारात्मक शिक्षण पर जोर दिया जाएगा। विभाग का उद्देश्य नियमित आकलन के माध्यम से विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार करना है।