देहरादून: CIMS एवं UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेजेस के चेयरमैन और सजग इंडिया के अध्यक्ष शिक्षाविद् ललित मोहन जोशी को सामाजिक एवं शैक्षिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘देवभूमि विकास सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया। देहरादून के एक निजी होटल में इंडिया वाइस न्यूज चैनल की ओर से आयोजित ‘देवभूमि से विकास संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
ललित मोहन जोशी पिछले 18 वर्षों से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए अभियान चला रहे हैं। सजग इंडिया के माध्यम से संचालित इस पहल के तहत उत्तराखंड सहित आसपास के राज्यों में बड़े स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
1,500 से अधिक शिक्षण संस्थानों में 8 लाख युवाओं से संवाद
युवा संवाद कार्यक्रम के माध्यम से ललित मोहन जोशी अब तक 1,500 से अधिक शिक्षण संस्थानों में 8 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद कर चुके हैं। इन कार्यक्रमों में युवाओं को नशे से दूर रहने, सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और शिक्षा एवं अनुशासन के महत्व के बारे में बताया जाता है। साथ ही उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाता है।
सुपर-300 मिशन से हर साल 300 विद्यार्थियों को निःशुल्क उच्च शिक्षा
शिक्षा के क्षेत्र में उनकी एक प्रमुख पहल ‘सुपर-300 मिशन एजुकेशन स्कीम’ है। इसके तहत प्रतिवर्ष आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के 300 योग्य विद्यार्थियों को 100 प्रतिशत ट्यूशन फीस में छूट के साथ उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने का दावा किया गया है।
इस योजना के अंतर्गत चिकित्सा, पैरामेडिकल, प्रबंधन, कंप्यूटर, होटल मैनेजमेंट और विधि सहित विभिन्न व्यावसायिक एवं उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में पढ़ाई का अवसर दिया जा रहा है।
सैनिक परिवारों और वीर नारियों के बच्चों को भी शिक्षा में सहयोग
सुपर-300 मिशन के तहत भारतीय सेना में सेवारत सैनिकों के आश्रितों और वीर नारियों के बच्चों को भी निःशुल्क उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने की पहल की गई है। इसका उद्देश्य सैनिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से बेहतर भविष्य के अवसर देना है।
ललित मोहन जोशी का कहना है कि आर्थिक अभाव किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की शिक्षा और उसके सपनों में बाधा नहीं बनना चाहिए। नशामुक्ति जागरूकता अभियान और जरूरतमंद विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में सहयोग जैसी पहलों के माध्यम से वे युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं।