Tokyo Olympics: 41 साल बाद मेडल जीतकर बढ़ी भारतीय हॉकी की शान, जर्मनी को हराकर रचा इतिहास

Tokyo Olympics: 41 साल बाद मेडल जीतकर बढ़ी भारतीय हॉकी की शान, जर्मनी को हराकर रचा इतिहास

What A Moment That was😍
Indian Hockey is Back!🇮🇳🥉🏑
Congrats For the Bronze @TheHockeyIndia#Hockey #Bronze pic.twitter.com/hNwjY9r0N7

— Shubh Verma (@shubhv03) August 5, 2021

Tokyo Olympics 2020: आखिर मास्को से शुरू हुआ 41 साल का इंतजार तोक्यो में खत्म हुआ। अतीत की मायूसियों से निकलकर भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने पिछड़ने के बाद जबर्दस्त वापसी करते हुए रोमांच की पराकाष्ठा पर पहुंचे मैच में जर्मनी को 5-4 से हराकर ओलंपिक में कांस्य पदक जीत लिया।

भारत के लिए यह खुशी का बहुत बड़ा दिना है। हॉकी के लिए भारतीयों के मन में एक खास लगाव है। पूरे देश में इस जीत का जश्न मनाया जा रहा है।

आखिरी पलों में ज्यों ही गोलकीपर पी आर श्रीजेश ने तीन बार की चैम्पियन जर्मनी को मिली पेनल्टी को रोका , भारतीय खिलाड़ियों के साथ टीवी पर इस ऐतिहासिक मुकाबले को देख रहे करोड़ों भारतीयों की भी आंखें नम हो गई। हॉकी के गौरवशाली इतिहास को नये सिरे से दोहराने के लिये मील का पत्थर साबित होने वाली इस जीत ने पूरे देश को भावुक कर दिया।

Forget 1983, 2007 or 2011, this medal in Hockey is bigger than any World Cup! #IndianHockeyMyPride 🇮🇳 pic.twitter.com/UZjfPwFHJJ

— Gautam Gambhir (@GautamGambhir) August 5, 2021

इंटरनेशनल हॉकी में भारत की जोरदार वापसी

भारत ने इंटरनेशनल हॉकी में जोरदार वापसी की है। हॉकी में भारत का लंबा इतिहास रहा है, लेकिन 1980 के बाद से भारत ने ओलंपिक खेलों में कोई मेडल नहीं जीता था। टोक्यो ओलंपिक में भारत ने ब्रॉन्ज मेडल के साथ दिखा दिया है कि वह इस खेल में फिर से बादशाहत कायम करने का माद्दा रखता है।

Heartiest Congratulations to the Indian Hockey team for winning the Bronze medal in a keenly fought contest against Germany! The team displayed excellent professionalism and the entire nation is proud of their achievement. @TheHockeyIndia #Hockey #Tokyo2020 pic.twitter.com/Xoshs6G13T

— Vice President of India (@VPSecretariat) August 5, 2021

ब्रॉन्ज मेडल भारत के नाम

इस रोमांचक जीत के कई सूत्रधार रहे जिनमें दो गोल करने वाले सिमरनजीत सिंह ((17वें मिनट और 34वें मिनट) हार्दिक सिंह (27वां मिनट), हरमनप्रीत सिंह (29वां मिनट) और रूपिंदर पाल सिंह (31वां मिनट) तो थे ही लेकिन आखिरी पलों में पेनल्टी बचाने वाले गोलकीपर श्रीजेश भी शामिल हैं।

भारतीय टीम 1980 मास्को ओलंपिक में अपने आठ स्वर्ण पदक में से आखिरी पदक जीतने के 41 साल बाद ओलंपिक पदक जीती है। मॉस्को से तोक्यो तक के सफर में बीजिंग ओलंपिक 2008 के लिये क्वालीफाई नहीं कर पाने और हर ओलंपिक से खाली हाथ लौटने की कई मायूसियां शामिल रहीं।

#WATCH | Manipur: Family members and neighours of hockey player Nilakanta Sharma in Imphal dance as they celebrate the victory of team India in Men's Hockey.

India won #Bronze medal in Men's Hockey against Germany in Tokyo #Olympics pic.twitter.com/dEF92jtNse

— ANI (@ANI) August 5, 2021

आठ बार की ओलंपिक चैंपियन और दुनिया की तीसरे नंबर की भारतीय टीम एक समय 1-3 से पिछड़ रही थी लेकिन दबाव से उबरकर आठ मिनट में चार गोल दागकर जीत दर्ज करने में सफल रही।

दुनिया की चौथे नंबर की टीम जर्मनी की ओर से तिमूर ओरूज (दूसरे मिनट), निकलास वेलेन (24वें मिनट), बेनेडिक्ट फुर्क (25वें मिनट) और लुकास विंडफेडर (48वें मिनट) ने गोल दागे।