Rainbow News India* 27 September 2021
आरएसएस से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) ने बड़ी स्टार्टअप कंपनियों की ‘फ्लिपिंग’ यानी देश के बाहर पंजीकरण को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। उन्होंने कहा, भारतीय कंपनियों द्वारा विदेशी गंतव्य का चयन करने पर कोष के स्रोत की जांच नहीं हो सकती है। इससे भारतीय उपभोक्ताओं का अहम ब्योरा विदेश चला जाता है।
आरएसएस से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह-संयोजक अश्विनी महाजन ने कहा, एक अरब डॉलर से अधिक के मूल्यांकन वाली यूनिकॉर्न की फ्लिपिंग से वे भारतीय नियामकीय निगरानी से बच सकती हैं। इससे देश के राजस्व का नुकसान होता है। उन्होंने कहा, भारत को इस बात का तो गर्व है कि उसके स्टार्टअप काफी मूल्यांकन हासिल कर रहे हैं। लेकिन यह खुशी ज्यादा समय तक नहीं रहती। ऊंचे मूल्यांकन वाली ज्यादातर स्टार्टअप कंपनियां भारतीय नहीं रह गई हैं।
भारतीय कंपनियों के लिए पसंदीदा विदेशी गंतव्यों में सिंगापुर, अमेरिका और ब्रिटेन शामिल हैं। महाजन ने पूरी प्रणाली नीति के नियमों में बदलाव की मांग की।
उन्होंने कहा कि इस तरह की कंपनियों का बेहतरीन उदाहरण ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट है। इस घरेलू कंपनी के प्रवर्तकों ने भारत से बाहर जाकर सिंगापुर में अपनी कंपनी और अन्य सहयोगी इकाइयों को पंजीकृत कराया। बाद में इन कंपनियों को वॉलमार्ट को बेच दिया गया। इससे भारतीय खुदरा बाजार की हिस्सेदारी विदेशी कंपनी को स्थानांतरित हो गई।