यहाँ प्रोफेसर को डिजिटल अरेस्ट कर की 47 लाख की ठगी

यहाँ प्रोफेसर को डिजिटल अरेस्ट कर की 47 लाख की ठगी

नैनीताल: कुमाऊं विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर से साइबर ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर 47 लाख रुपये की ठगी कर ली। साइबर क्राइम पुलिस ने प्रोफेसर की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

साइबर थाना प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि नैनीताल निवासी प्रोफेसर ने शिकायत में कहा कि 5 दिसंबर को उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति का कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके आधार कार्ड पर अवैध सिम जारी किया गया है, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियां हो रही हैं।

ठग ने उन्हें धमकी दी कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया जा चुका है। साथ ही, प्रोफेसर को स्काइप ऐप डाउनलोड करवाया और वीडियो कॉल पर बनाए रखा। इस दौरान डर और धमकी के जरिए ठग ने प्रोफेसर से बैंक खातों की डिटेल्स हासिल कर लीं।

इसके बाद, 5 दिसंबर से 22 दिसंबर तक, ठगों ने प्रोफेसर को लगातार डरा-धमकाकर उनसे 47 लाख रुपये अलग-अलग किश्तों में अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए।

साइबर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ठगों के बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों की जांच कर रही है। थाना प्रभारी ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि किसी भी अज्ञात कॉल पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें।


साइबर ठगी के ऐसे मामलों में लोग अक्सर ठगों के दबाव में आ जाते हैं। पुलिस ने नागरिकों को आगाह किया है कि किसी भी सरकारी संस्था के नाम पर डराने वाले कॉल्स से बचें और ऐसी स्थितियों में तुरंत पुलिस से संपर्क करें।

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