हरिद्वार, 10 जुलाई 2025: हरिद्वार में बहुप्रतीक्षित कांवड़ मेला 2025 शुक्रवार, 11 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और नगर निगम ने मिलकर मेले को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने की पूरी तैयारी कर ली है। इस बार करीब 7 करोड़ कांवड़ियों के आगमन की संभावना है।
तीन जोन में बंटा मेला क्षेत्र, 2 विशेष क्विक एक्शन टीम तैनात
सुरक्षा के लिहाज से मेला क्षेत्र को 3 प्रमुख सुरक्षा जोन, 16 सुपर जोन, 38 जोन और 134 सेक्टरों में बांटा गया है। मेले की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। आतंकी गतिविधियों की आशंका को देखते हुए 2 विशेष क्विक एक्शन टीमों को भी तैनात किया गया है।
2,981 पुलिसकर्मी तैनात, हथियार जैसी वस्तुओं की बिक्री पर रोक
कांवड़ मेला 2025 में 2,981 सुरक्षाकर्मी, जिनमें इंस्पेक्टर, दारोगा, महिला पुलिस और आरक्षी शामिल हैं, ड्यूटी पर रहेंगे। इनके साथ पीएसी की 15 कंपनियां, अर्धसैनिक बलों की 18 कंपनियां और जल पुलिस भी तैनात की गई है। मेले में त्रिशूल, बेसबॉल बैट, हॉकी जैसी धारदार वस्तुओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
सुविधाएं बेहतर, सफाई और जल प्रबंधन पर खास फोकस
हर की पैड़ी, बैरागी कैंप, कांवड़ पटरी और कांवड़ बाजार में पीने के पानी, शौचालय, लाइटिंग और सफाई की विशेष व्यवस्था की गई है। नगर निगम की टीमें पूरी सतर्कता से सेवा में लगी हैं।
गुरु पूर्णिमा पर मां गंगा का पूजन
कांवड़ यात्रा के शुभारंभ से पूर्व 11 जुलाई को सुबह 10 बजे हर की पैड़ी पर श्री गंगा सभा और प्रशासन के अधिकारी मां गंगा का पूजन करेंगे और यात्रा की सफलता के लिए आशीर्वाद लेंगे।
कांवड़ यात्रा: आस्था की प्रतीक
श्रावण मास में शिवभक्त गंगाजल लाने हरिद्वार, ऋषिकेश और गंगोत्री पहुंचते हैं। यहां से जल लेकर वे अपने निवास स्थान जाते हैं और शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं। यह यात्रा 11 जुलाई से शुरू होकर 23 जुलाई को शिवरात्रि के दिन संपन्न होगी।