देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में जनहित और विकास से जुड़े कुल आठ महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं, भू-जल संरक्षण, औद्योगिक विकास, उच्च शिक्षा और हरित ऊर्जा नीति पर पड़ेगा।
स्वास्थ्य विभाग को बड़ी राहत
कैबिनेट ने उन स्वास्थ्य कर्मियों को बड़ी राहत दी है, जिनकी सेवा अवधि 5 वर्ष पूर्ण हो चुकी है। अब वे आपसी सहमति के आधार पर जिलों के बीच स्थानांतरण करा सकेंगे, जिससे लंबे समय से लंबित तबादलों की समस्या का समाधान होगा।
राजस्व विभाग में भूमि अर्जन की नई व्यवस्था
भूमि अर्जन के मामलों में आपसी समझौते के आधार पर नई प्रक्रिया को मंजूरी दी गई है। इससे भूमि अधिग्रहण से जुड़े विवाद कम होंगे और प्रक्रिया में तेजी आएगी।
जनजाति कल्याण विभाग में पद सृजन
जनजाति कल्याण विभाग में नए पदों के सृजन और पूर्व नियमावली में आवश्यक संशोधन को कैबिनेट की स्वीकृति मिली।
भू-जल दोहन पर सख्ती
भू-जल के अंधाधुंध दोहन को रोकने के लिए नई नियमावली लागू की गई है।
व्यावसायिक उपयोग के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क 5,000 रुपये तय किया गया है। यह फैसला पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम माना जा रहा है।
उच्च शिक्षा को बढ़ावा
कैबिनेट ने जीआरडी उत्तराखंड विश्वविद्यालय को संचालन की अनुमति दे दी है, जिससे राज्य में उच्च शिक्षा के अवसर और बढ़ेंगे।
हवाई पट्टियों का रक्षा मंत्रालय को हस्तांतरण
रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चिन्यालीसौड़ और गोचर हवाई पट्टियों को रक्षा मंत्रालय को ट्रांसफर करने का निर्णय लिया गया है, जिससे सामरिक और आपातकालीन व्यवस्थाएं सुदृढ़ होंगी।
सिडकुल को बड़ी छूट
उधम सिंह नगर स्थित पराग फर्म की भूमि, जो पहले सिडकुल को दी गई थी, अब सिडकुल उसे सब-लीज पर देने में सक्षम होगा। इससे औद्योगिक निवेश को गति मिलने की उम्मीद है।
ग्रीन हाइड्रोजन और हरित नीति को मंजूरी
कैबिनेट ने राज्य की ग्रीन हाइड्रोजन नीति और हरित नीति को मंजूरी दे दी है।
सब्सिडी निर्धारण के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे।
इन फैसलों से उत्तराखंड में सतत विकास, निवेश, पर्यावरण संतुलन और रोजगार सृजन को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।