राजकीय दून चिकित्सालय में बच्चों के लिए ऑक्यूपेशनल थेरेपी सेवा शुरू, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को मिलेगा  उपचार

राजकीय दून चिकित्सालय में बच्चों के लिए ऑक्यूपेशनल थेरेपी सेवा शुरू, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को मिलेगा उपचार

देहरादून। राजकीय दून चिकित्सालय ने बाल स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्राचार्य डॉ. गीता जैन के नेतृत्व में चिकित्सालय में बच्चों के लिए ऑक्यूपेशनल एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समग्र उपचार, प्रशिक्षण और पुनर्वास सुविधा उपलब्ध कराना है।

राजकीय दून चिकित्सालय में शुरू किया गया यह ऑक्यूपेशनल थेरेपी केंद्र आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों पर आधारित होगा। यहां बच्चों की शारीरिक, मानसिक और व्यवहारिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए व्यक्तिगत उपचार योजनाएं तैयार की जाएंगी। केंद्र में ऑक्यूपेशनल थेरापिस्ट डॉ. श्रद्धा द्वारा बच्चों को उनकी उम्र, क्षमता और जरूरत के अनुसार थेरापी प्रदान की जाएगी।

इस सेवा के तहत बच्चों की मोटर स्किल्स, संवेदी संतुलन, सीखने की क्षमता और दैनिक गतिविधियों में आत्मनिर्भरता विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, अभिभावकों को भी नियमित परामर्श दिया जाएगा, ताकि वे घर पर बच्चों के विकास में प्रभावी भूमिका निभा सकें।

पीडियाट्रिक विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि यह केंद्र उनके मार्गदर्शन और निगरानी में संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऑक्यूपेशनल थेरेपी विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और यह सुविधा अब सरकारी अस्पताल में उपलब्ध होना एक बड़ी उपलब्धि है।

अब तक ऑक्यूपेशनल थेरेपी जैसी सेवाएं मुख्यतः निजी संस्थानों तक सीमित थीं, जिससे कई परिवार आर्थिक कारणों से उपचार से वंचित रह जाते थे। राजकीय दून चिकित्सालय में इस सेवा की शुरुआत से प्रदेश के जरूरतमंद परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।