दून विश्वविद्यालय में बीना बेंजवाल की पुस्तक का लोकार्पण, 351 महिलाओं के संघर्ष और उपलब्धियों का संकलन
देहरादून। दून विश्वविद्यालय में आयोजित एक गरिमामय समारोह में बीना बेंजवाल द्वारा लिखित पुस्तक “उत्तराखण्ड की महिलाएँ : संघर्ष और उपलब्धियों का परिचयात्मक संचयन” का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रसिद्ध लोक गायक और गीतकार नरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि पहाड़ की कर्मशील नारियों ने अपने परिश्रम और कौशल से इतिहास रचा है।
उन्होंने कहा कि 351 महिलाओं के जीवन और योगदान को समेटे यह पुस्तक शोधार्थियों और समाज के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ साबित होगी। पुस्तक में कई ऐसी महिलाओं का उल्लेख किया गया है, जिनके बारे में आम लोग अब तक अनजान थे। उन्होंने लेखिका के इस प्रयास को समाज के लिए आईना बताते हुए सराहना की।
समारोह की मुख्य अतिथि दून विश्वविद्यालय की कुलपति Surekha Dangwal (सुरेखा डंगवाल) ने कहा कि यह पुस्तक राजनीति, शिक्षा, प्रशासन, पर्यावरण, समाज सेवा, उद्यमिता, खेल, कला, साहित्य, पत्रकारिता और विज्ञान जैसे विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के योगदान को विस्तार से प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का समाज महिलाओं के प्रति सहिष्णु और सम्मानजनक रहा है, जिसके कारण यहां की महिलाएं हर क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर रही हैं।
विशिष्ट अतिथि जयवंती डिमरी ने इसे महिलाओं पर प्रकाशित अब तक का सबसे बड़ा संकलन बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल दौर में जहां पढ़ने की प्रवृत्ति घट रही है, वहां ऐसी पुस्तकों का महत्व और बढ़ जाता है। साथ ही उन्होंने “सिस्टरहुड” की भावना को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
पुस्तक की लेखिका बीना बेंजवाल ने बताया कि इस संकलन की प्रेरणा उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह से मिली। उन्होंने कहा कि पुस्तक में 60 दिवंगत और 291 वर्तमान में सक्रिय महिला विभूतियों के जीवन और उपलब्धियों को शामिल किया गया है। आगामी संस्करण में छूट गई अन्य महिलाओं को भी जोड़ा जाएगा।
कार्यक्रम का संचालन गणेश खुगशाल ‘गणी’ ने किया। इस अवसर पर डॉ. उमा भट्ट, रमाकांत बेंजवाल, मदनमोहन डुकलान, मीना खाली, कुलानंद घनशाला, शूरवीर सिंह रावत, डॉ. ओम बधाणी, आशीष सुंदरियाल, सुमित्रा जुगलान, कांता घिल्डियाल सहित अनेक साहित्यकार और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।