एआई, साइबर सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन से सुरक्षित भविष्य पर ग्राफिक एरा में संगोष्ठी

एआई, साइबर सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन से सुरक्षित भविष्य पर ग्राफिक एरा में संगोष्ठी

देहरादून, 8 अप्रैल। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में ‘एआई के साथ साइबर सिक्योरिटी, जल संरक्षण और आधुनिक तकनीकों से सुरक्षित भविष्य’ विषय पर दो दिवसीय सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल सुरक्षा, जल प्रबंधन और कृषि तकनीकों के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी।

मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए मैती आंदोलन के संस्थापक पद्मश्री कल्याण सिंह रावत ने कहा कि एआई आज विकास का एक सशक्त माध्यम बन चुका है, लेकिन बढ़ता जल संकट प्रकृति की गंभीर चेतावनी है। उन्होंने मैती आंदोलन के तहत विवाह जैसे अवसरों पर वृक्षारोपण की परंपरा को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अमित आर. भट्ट ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिकता के इस दौर में तकनीकी प्रगति के साथ प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित और समझदारीपूर्ण उपयोग अत्यंत आवश्यक है।

साइबर क्राइम विशेषज्ञ सब-इंस्पेक्टर राजीव सेमवाल ने बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि थोड़ी सी जागरूकता और सतर्कता बड़े नुकसान से बचा सकती है।

यूकॉस्ट के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. भवतोष शर्मा ने जल संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि वर्षा जल संचयन, जल पुनः उपयोग और जनभागीदारी के माध्यम से भविष्य को सुरक्षित बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम का आयोजन ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग और यूकॉस्ट के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. अनुपम सिंह, अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन स्तुति भट्ट और सोनल मल्होत्रा ने किया। कार्यक्रम का सुचारू समन्वय श्री शिव आशीष ढौंडियाल और श्री दीपक सिंह राणा ने किया।