नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने कहा है कि सीबीएसई कक्षा 12वीं परीक्षा की मूल्यांकन प्रक्रिया में सामने आई कमियों के बाद अब पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया में जवाबदेही भी तय की जाएगी।
नई दिल्ली में सीबीएसई अधिकारियों के साथ बैठक के बाद शिक्षा मंत्री ने कहा कि मूल्यांकन में आई अनियमितताओं को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी स्तरों पर खामियों को दूर कर उचित समाधान निकाला जाएगा ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस वर्ष पहली बार सीबीएसई ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को बड़े स्तर पर लागू किया है। उनके अनुसार यह एक आधुनिक और प्रगतिशील मूल्यांकन प्रणाली है, जिसे भारत समेत दुनिया के कई विश्वविद्यालय और शैक्षणिक संस्थान अपना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सीबीएसई ने पहली बार लगभग 4 करोड़ स्कैन किए गए पृष्ठों का मूल्यांकन ओएसएम प्रक्रिया के माध्यम से कराया है। हालांकि शुरुआती चरण में कुछ तकनीकी और प्रक्रियागत कमियां सामने आईं, जिन्हें अब सुधारने की दिशा में काम किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि जिन छात्रों को अपने अंकों को लेकर आपत्ति है, उनकी शिकायतों का निष्पक्ष तरीके से निस्तारण किया जाएगा और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा।