Meta ने Meta Connect 2026 में वर्चुअल रियलिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े नए हार्डवेयर पेश किए हैं। कंपनी ने भारी VR हेडसेट के विकल्प के तौर पर चश्मे जैसे डिजाइन वाला Meta VR Glasses और छोटे आकार का AI डिवाइस Muse Charm पेश किया है। इन डिवाइस के जरिए Meta AI को स्मार्टफोन से आगे ले जाकर पहनने और साथ रखने वाले हार्डवेयर में इस्तेमाल करने की दिशा में काम कर रही है।
100 ग्राम के VR Glasses में 5K microOLED डिस्प्ले
Meta VR Glasses को पारंपरिक VR हेडसेट की तुलना में हल्के और चश्मे जैसे डिजाइन में तैयार किया गया है। इसका वजन करीब 100 ग्राम बताया गया है। इसमें 5K microOLED डिस्प्ले दिया गया है, जिससे यूजर्स वर्चुअल स्क्रीन पर फिल्में देखने, गेम खेलने और एक साथ कई वर्चुअल स्क्रीन पर काम करने जैसे अनुभव ले सकेंगे।
डिवाइस को एक छोटे कंप्यूटिंग पुक से कनेक्ट करना होगा। इसमें कंप्यूटिंग सिस्टम और बैटरी मौजूद होगी। Meta के मुताबिक, आंखों और हाथों के इशारों के जरिए भी इसे नियंत्रित किया जा सकेगा। इसकी कीमत 1,299.99 डॉलर रखी गई है और इसकी बिक्री 2027 के वसंत में शुरू होने की योजना है।
चाबी के साथ रखा जा सकेगा Muse Charm
Meta Connect 2026 में कंपनी ने Muse Charm नाम का छोटा AI डिवाइस भी पेश किया। इसे इतना कॉम्पैक्ट बनाया गया है कि इसे चाबी के साथ रखा जा सकता है।
इस डिवाइस में माइक्रोफोन, स्पीकर, छोटा डिस्प्ले और फिंगरप्रिंट सेंसर दिए गए हैं। इसका उद्देश्य रोजमर्रा के छोटे सवालों और कामों के लिए फोन निकालने की जरूरत को कम करना है। Meta इसे सिर्फ सवालों का जवाब देने वाले AI के बजाय एक पर्सनल AI एजेंट के तौर पर विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।
स्मार्टफोन से आगे AI हार्डवेयर पर फोकस
Meta के नए डिवाइस कंपनी की उस रणनीति को दिखाते हैं, जिसमें AI को स्मार्टफोन ऐप तक सीमित रखने के बजाय स्मार्ट ग्लास और छोटे पोर्टेबल डिवाइस के जरिए उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
Meta के स्मार्ट ग्लास लाइनअप में कैमरा-फ्री ग्लास प्राइवेसी को ध्यान में रखते हैं, जबकि Ray-Ban Meta Gen 3 कैमरा और AI फीचर्स के साथ अलग तरह का अनुभव देता है। वहीं, Meta VR Glasses का फोकस वर्चुअल स्क्रीन और इमर्सिव कंप्यूटिंग पर है।
इन डिवाइस के बाजार में आने के बाद यह देखना अहम होगा कि यूजर्स इन्हें रोजमर्रा के कामों में कितना अपनाते हैं और क्या ये भविष्य में स्मार्टफोन पर निर्भरता को कम कर पाते हैं।