देहरादून, 9 मई। ग्राफिक एरा में विशेषज्ञों ने कहा कि सतत् कृषि को बढ़ावा देकर पारंपरिक बीज विरासत का संरक्षण करना पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद आवश्यक है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
आज ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ‘ बायोकॉम 2026’ के समापन समारोह में मुख्य अतिथि, उत्तराखंड सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग की अपरसचिव, रुचि मोहन रयाल ने कहा कि सतत् पोषण और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पारंपरिक खाद्य प्रणालियों के संरक्षण के साथ नवाचार और आधुनिक तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता है। स्कूल फॉर यूरोपियन पेस्ट्री एंड कुलिनरी आर्ट्स के निदेशक डॉ. शेफ परविंदर सिंह बाली और उत्तराखंड के ‘सीड मैन’ विजय जड़धारी ने भी सम्मेलन के संबोधित किया।
इस सम्मेलन का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ बायोसाइंसेज और डिपार्टमेंट और हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट ने संयुक्त रूप से किया। सम्मेलन में डिपार्टमेंट ऑफ़ बायोसाइंस की हेड डा. मनु पंत, हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के हेड डा. अमर डबराल के साथ अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।