ग्राफिक एरा में नवजात शिशुओं की जीवनरक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण…

ग्राफिक एरा में नवजात शिशुओं की जीवनरक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण…

देहरादून, 10 मई । ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और नर्सिंग स्टाफ को नवजात शिशुओं की जीवनरक्षक पुनर्जीवन एवं आपातकालीन देखभाल तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।

आज ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज में नेशनल नियोनेटल रिससिटेशन प्रोग्राम (एनआरपी) डे  पर एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 40 से अधिक चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और नर्सिंग स्टाफ ने भाग लिया। इस दौरान प्रतिभागियों को नवजात शिशुओं की आपातकालीन देखभाल, जीवनरक्षक पुनर्जीवन तकनीकों और सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण की व्याहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान नवजात शिशुओं की जन्म के तुरंत बाद होने वाली आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी उपचार से जुड़ी  तकनीकों का अभ्यास भी कराया गया। साथ ही प्रतिभागियों को नवजात पुनर्जीवन से संबंधित नवीनतम दिशानिर्देशों और कौशल आधारित प्रक्रियाओं से भी अवगत कराया गया।

नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम उत्तराखंड चैप्टर के सचिव डॉ. शंतनु शुभम ने कहा कि नवजात शिशुओं की मृत्यु दर कम करने और जन्म के तुरंत बाद बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए नियमित कौशल-आधारित प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक हैं। समय पर किया गया प्रभावी नवजात पुनर्जीवन, नवजात शिशुओं के जीवन और स्वास्थ्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज के बाल रोग एवं नवजात शिशु विभाग ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। डॉ. शंतनु शुभम, डॉ. सैयद मोइज़ अहमद एवं डॉ. नैनी पुरी ने प्रतिभागियों को नवजात पुनर्जीवन एवं आपातकालीन देखभाल से जुड़ी  तकनीकों का प्रशिक्षण दिया।