उत्तराखंड के “भगत दा” को मिलेगा पद्म विभूषण, 25 मई को राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

उत्तराखंड के “भगत दा” को मिलेगा पद्म विभूषण, 25 मई को राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति और सामाजिक जीवन में विशेष पहचान रखने वाले वरिष्ठ नेता भगत सिंह कोश्यारी को देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान “पद्म विभूषण” से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आगामी 25 मई 2026 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान करेंगी।
उत्तराखंड में “भगत दा” के नाम से लोकप्रिय भगत सिंह कोश्यारी लंबे समय से सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित स्वयंसेवक रहे कोश्यारी अपनी सादगी, अनुशासन और जनसेवा के लिए विशेष पहचान रखते हैं।

17 जून 1942 को पालनाधूरा गांव में जन्मे भगत सिंह कोश्यारी ने अल्मोड़ा कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने शिक्षक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। वर्ष 1966 में पिथौरागढ़ में “सरस्वती शिशु मंदिर” की स्थापना कर उन्होंने सीमांत क्षेत्रों में शिक्षा के विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। विवेकानंद इंटर कॉलेज की स्थापना में भी उनकी अहम भूमिका रही।
राजनीतिक जीवन में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 1997 में वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य बने। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद पहली सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे और बाद में राज्य के मुख्यमंत्री का दायित्व भी संभाला। इसके अलावा वह उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, राज्यसभा सांसद और नैनीताल-ऊधमसिंह नगर से लोकसभा सांसद भी रहे।

भगत सिंह कोश्यारी ने महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और समाज सेवा में योगदान को देखते हुए उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया जा रहा है।
सम्मान की घोषणा के बाद उत्तराखंड में खुशी का माहौल है। विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक संगठनों ने इसे राज्य के लिए गौरव का क्षण बताया है।