देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्य के बेरोजगार युवाओं और बीच में पढ़ाई छोड़ चुके छात्रों के लिए एक नई कौशल विकास योजना शुरू की है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के तहत युवाओं को मुफ्त तकनीकी प्रशिक्षण देकर उद्योगों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल डिग्री या डिप्लोमा धारकों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन युवाओं को भी रोजगार के योग्य बनाना है, जिन्होंने किसी कारणवश अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ दी है।
इन युवाओं को मिलेगा योजना का लाभ
योजना के तहत बेरोजगार युवाओं और ड्रॉपआउट छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद युवाओं को उद्योगों में प्लेसमेंट दिलाने के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए भी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इन 7 जिलों में शुरू हुई योजना
योजना का लाभ फिलहाल राज्य के सात जिलों के युवाओं को मिलेगा—
- देहरादून
- हरिद्वार
- नैनीताल
- ऊधम सिंह नगर
- चंपावत
- चमोली
- नई टिहरी
पात्रता और ट्रेनिंग अवधि
- शैक्षणिक योग्यता: 10वीं या 12वीं पास
- आयु सीमा: 15 से 45 वर्ष
- प्रशिक्षण अवधि: 3 से 4 महीने
प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी कौशल सिखाए जाएंगे, जिससे वे प्रशिक्षण के तुरंत बाद रोजगार प्राप्त कर सकें।
ऐसे करें आवेदन
इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।
- रजिस्ट्रेशन: https://uksds.uk.gov.in/CandidateRegistration/
- अधिक जानकारी: https://uksds.uk.gov.in/
- टोल-फ्री हेल्पलाइन: 18008902414
रोजगार और स्वरोजगार पर रहेगा फोकस
सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। कौशल विकास विभाग उद्योगों के साथ समन्वय कर रहा है, ताकि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद युवाओं को सीधे रोजगार के अवसर मिल सकें। यह योजना विशेष रूप से उन युवाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आई है, जिन्होंने किसी कारणवश अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़ दी थी।