देवभूमि उद्यमिता योजना से युवाओं को स्टार्टअप की राह, श्री देव सुमन विश्वविद्यालय में ओरिएंटेशन

देवभूमि उद्यमिता योजना से युवाओं को स्टार्टअप की राह, श्री देव सुमन विश्वविद्यालय में ओरिएंटेशन

देवभूमि उद्यमिता योजना 2.0: श्री देव सुमन विश्वविद्यालय में स्टार्टअप और नवाचार को मिला बढ़ावा

ऋषिकेश, 5 अगस्त। उत्तराखंड सरकार के उच्च शिक्षा विभाग और भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआईआई), अहमदाबाद के सहयोग से संचालित देवभूमि उद्यमिता योजना 2.0 के तहत श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 का पहला ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देकर उन्हें रोजगार तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले युवा उद्यमी बनने के लिए प्रेरित करना था।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अम्बरीश कुमार महाजन ने कहा कि वर्तमान समय नवाचार और उद्यमिता का है तथा उत्तराखंड पर्यटन, आयुष, जैविक कृषि, स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाओं वाला राज्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से योजना के अंतर्गत उपलब्ध प्रशिक्षण, रेसिडेंशियल बूटकैंप, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, बिजनेस आइडिया पिचिंग और सीड फंडिंग जैसी सुविधाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।

परिसर निदेशक प्रो. महावीर सिंह रावत ने कहा कि देवभूमि उद्यमिता योजना युवाओं को स्वरोजगार और स्टार्टअप की दिशा में सशक्त मंच उपलब्ध करा रही है। वहीं योजना की नोडल अधिकारी एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन एंटरप्रेन्योरशिप एंड इन्क्यूबेशन (पर्यटन) की निदेशक प्रो. अनीता तोमर ने विश्वविद्यालय में संचालित उद्यमिता कार्यक्रमों, मेंटरिंग, उद्योग भ्रमण, बिजनेस प्लान प्रतियोगिताओं और स्टार्टअप गतिविधियों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में पर्यटन क्षेत्र के लिए स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इको-टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, वेलनेस एवं स्पिरिचुअल टूरिज्म, सामुदायिक पर्यटन और कृषि पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय की छात्रा मान्या राजपाल को वेलनेस एवं स्पिरिचुअल टूरिज्म आधारित स्टार्टअप के लिए राज्य सरकार से 75 हजार रुपये का सीड फंड मिलने तथा छात्र अभिषेक घंसाला के सफल उद्यम का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में जिला समन्वयक सपना नेगी और डॉ. मनीष चन्द्र ने योजना की प्रशिक्षण प्रक्रिया, मेंटरशिप, सीड फंडिंग और राज्य में स्थापित उत्कृष्टता केंद्रों की जानकारी दी। छात्रा एवं युवा उद्यमी मान्या राजपाल ने अपने स्टार्टअप की सफलता का अनुभव साझा करते हुए कहा कि सही मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प से किसी भी विचार को सफल उद्यम में बदला जा सकता है।

कार्यक्रम का संचालन प्रो. धर्मेन्द्र तिवारी ने किया। प्रथम चरण के ओरिएंटेशन में करीब 68 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक, फैकल्टी मेंटर्स एवं अधिकारी उपस्थित रहे।