राजकीय महाविद्यालय कण्वघाटी में 16-17 सितंबर को राष्ट्रीय संगोष्ठी, सतत विकास और हरित हिमालय पर होगा मंथन

राजकीय महाविद्यालय कण्वघाटी में 16-17 सितंबर को राष्ट्रीय संगोष्ठी, सतत विकास और हरित हिमालय पर होगा मंथन

राजकीय महाविद्यालय कण्वघाटी कोटद्वार में “Sustainable Development and Green Himalayan Growth : Prospects for Atmanirbhar Uttarakhand Towards Viksit Bharat @2047” विषय पर 16 व 17 सितंबर 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। महाविद्यालय में संगोष्ठी की आधिकारिक विवरणिका का विमोचन किया गया।

बुधवार को ब्रोसर विमोचन कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेमिनार के संजोयक और वाणिज्य संकाय के प्रभारी डा. दिवाकर बुद्धा ने बताया कि भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) द्वारा प्रायोजित इस संगोष्ठी का आयोजन आगामी माह 16 व 17 सितंबर, 2026 को ऑफलाइन तथा ऑनलाइन (मिश्रित मोड) में किया जाएगा। इसमें देश-विदेश के शिक्षाविद, शोधार्थी व नीति निर्माता प्रतिभाग कर हिमालयी क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक विकास, सतत विकास, सांस्कृतिक विकास आदि लक्ष्यों और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के रोडमैप पर चर्चा करेंगे।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. हरीश चन्द्र ने कहा कि “विकसित भारत 2047” के संकल्प को साकार करने में यह संगोष्ठी उत्तराखंड के लिए मील का पत्थर साबित होगा। आई.एच.एम.एस के प्राचार्य डॉ. अश्वनी शर्मा ने सेमिनार के उद्देश्य को उजागर किया राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार से प्रो. बी सी शाह ने सेमिनार के विषय को वर्तमान समय की आवश्यकता तथा विकसित भारत की दिशा में एक कदम बताया। अटल उत्कृष्ट राजकीय इण्टर कॉलेज से आये श्री राकेश मोहन ध्यानी जी ने हिमालय को पिता तुल्य बताते हुए सेमिनार के माध्यम से हिमालय संरक्षण के संदेश का प्रचार प्रसार करने की बात कही। विवरणिका विमोचन के साथ ही अब संगोष्ठी के लिए पंजीकरण और शोध पत्र आमंत्रित करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गयी है ।

इस अवसर पर प्रो बी सी शाह, प्रो एस सी नौटियाल, राकेश मोहन ध्यानी, प्रो अश्वनी शर्मा, डॉ भगवत रावत, डॉ मणिकांत शाह, डॉ महेशानंद नौडियाल, जीवन कुमार, डॉ विनोद कुमार सैनी, डॉ दीप सिंह, श्री भारत सिंह बिष्ट, भरत सिंह रावत, आकांक्षा बिष्ट, डॉ दीप्ती मैठाणी आदि उपस्थित रहे ।