उत्तराखंड में वन विभाग में बड़ा फेरबदल: 19 IFS अधिकारियों के तबादले, कई अहम वन प्रभागों को मिले नए DCF

उत्तराखंड में वन विभाग में बड़ा फेरबदल: 19 IFS अधिकारियों के तबादले, कई अहम वन प्रभागों को मिले नए DCF

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय वन सेवा (IFS) के उप वन संरक्षक (DCF) स्तर के 19 अधिकारियों के तबादले और नई तैनातियों के आदेश जारी किए हैं। शासन के वन अनुभाग-1 द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना किसी देरी के अपने नए पदों पर कार्यभार ग्रहण कर अनुपालन रिपोर्ट शासन को भेजें।

शासन के सचिव सी. रविशंकर द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह तबादला सूची वन विभाग के विभिन्न वन प्रभागों, राष्ट्रीय उद्यानों और उत्तराखंड वन विकास निगम में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जारी की गई है। सरकार का मानना है कि इस फेरबदल से वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन, पर्यटन और क्षेत्रीय प्रशासन को मजबूती मिलेगी।

तबादलों के तहत अमित कंवर को मसूरी वन प्रभाग से चकराता वन प्रभाग (कालसी), वैभव कुमार सिंह को चकराता से देहरादून वन प्रभाग और नीरज कुमार को देहरादून वन प्रभाग से उत्तराखंड वन विकास निगम में प्रभारी क्षेत्रीय प्रबंधक (प्रतिनियुक्ति) बनाया गया है।

इसी तरह हिमांशु वागड़ी को टिहरी वन प्रभाग, दीपक सिंह को तराई पूर्वी वन प्रभाग (हल्द्वानी), आशुतोष सिंह को टौंस वन प्रभाग (पुरोला), पुनीत तोमर को तराई पश्चिमी वन प्रभाग (रामनगर), जीवन मोहन दगाडे को उत्तरकाशी वन प्रभाग और अभिमन्यु को अल्मोड़ा वन प्रभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा आदित्य रत्न को पिथौरागढ़, रजत सुमन को केदारनाथ वन प्रभाग (गोपेश्वर), प्रणाली रमेश को बद्रीनाथ वन प्रभाग, प्रकाश चंद्र आर्य को बागेश्वर वन प्रभाग और देवी प्रसाद बलूनी को मसूरी वन प्रभाग भेजा गया है।

नई नियुक्तियों में पंडित शिरीन संजय को उप निदेशक, राजाजी राष्ट्रीय उद्यान (देहरादून), विनीत कुमार को रुद्रप्रयाग वन प्रभाग, ढिनो पुरुषोत्तमन को चंपावत वन प्रभाग, गौरव वर्मा को लैंसडौन वन प्रभाग (कोटद्वार) और यश ढोबले को नंदादेवी राष्ट्रीय उद्यान (जोशीमठ) में तैनाती दी गई है।

यह व्यापक प्रशासनिक फेरबदल मसूरी, चकराता, देहरादून, टिहरी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, चंपावत, लैंसडौन, नंदादेवी राष्ट्रीय उद्यान और राजाजी राष्ट्रीय उद्यान सहित राज्य के कई महत्वपूर्ण वन प्रभागों को प्रभावित करेगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे वन प्रबंधन और संरक्षण कार्यों में और अधिक दक्षता आएगी।