स्वतंत्रता दिवस पर पूर्व अग्निवीरों को बड़ा तोहफा दे सकती है धामी सरकार, रोजगार के लिए बनेगा विशेष सेल

स्वतंत्रता दिवस पर पूर्व अग्निवीरों को बड़ा तोहफा दे सकती है धामी सरकार, रोजगार के लिए बनेगा विशेष सेल

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उत्तराखंड के पूर्व अग्निवीरों को बड़ा तोहफा दे सकते हैं। सरकार पूर्व अग्निवीरों के पुनर्रोजगार के लिए ‘अग्निवीर पुनर्रोजगार सेल’ के गठन को औपचारिक मंजूरी देने की तैयारी में है। मंजूरी मिलने के बाद यह सेल काम करना शुरू कर देगा।

उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसने सेना से सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के समायोजन और पुनर्रोजगार के लिए इस तरह का मॉडल तैयार किया है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने सेल के गठन से जुड़ी सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय इस दिशा में प्राथमिकता के साथ काम कर रहा है और सेल के प्रारूप पर अंतिम सहमति बन चुकी है।

मुख्यमंत्री के अधीन रहेगा सेल
अग्निवीरों के भविष्य को देखते हुए मुख्यमंत्री धामी ने इस सेल को अपने अधीन रखने का निर्णय लिया है। सेल में मुख्यमंत्री के अलावा एक सेवानिवृत्त कर्नल, राज्य सरकार के अधिकारी और विशेषज्ञों की टीम शामिल होगी। यह सेल पूर्व अग्निवीरों की योग्यता, रुचि और सैन्य अनुभव के आधार पर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगा।
जो पूर्व अग्निवीर व्यावसायिक शिक्षा हासिल कर निजी क्षेत्र या बहुराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी करना चाहते हैं, उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण और शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है। वहीं, अपना व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक अग्निवीरों को आर्थिक और तकनीकी सहायता दिलाने पर भी काम किया जाएगा।

दिसंबर-जनवरी में रिटायर होंगे करीब 1200 अग्निवीर
उत्तराखंड से अग्निवीरों के पहले बैच में करीब 1200 जवान दिसंबर-जनवरी में अपनी सेवा पूरी कर रिटायर होंगे। सरकार ने इनके पुनर्रोजगार के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 17 जुलाई को पूर्व अग्निवीरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विशेष सेल गठित करने की घोषणा की थी। अब स्वतंत्रता दिवस पर इसकी औपचारिक शुरुआत होने की संभावना है।

सैनिक कल्याण बोर्ड के अनुभव का भी मिलेगा लाभ
राज्य में पहले से सैनिक कल्याण बोर्ड कार्यरत है, जो सेना से सेवानिवृत्त होने वाले जवानों और उनके आश्रितों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में मदद करता है। सरकार पूर्व अग्निवीरों के पुनर्रोजगार में बोर्ड के अनुभव और संसाधनों का भी लाभ लेने की तैयारी में है।
सरकार का प्रयास है कि सेना में सेवा पूरी करने के बाद पूर्व अग्निवीरों को रोजगार के लिए भटकना न पड़े और उनकी सैन्य दक्षता, अनुशासन एवं अनुभव का उपयोग राज्य के विकास में भी किया जा सके।