रेनबो न्यूज़ * 3 नवम्बर 2022
नैनीताल: नैनीताल हाईकोर्ट ने रुद्रपुर में पॉक्सो की फास्ट ट्रैक कोर्ट के पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज दुष्कर्म के मामले को खारिज कर दिया है. हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पीड़िता ने कहा कि उसकी शादी हो चुकी है और वो अब मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहती. मामले में आरोपी अनीस रजा और पीड़ित अदालत में पेश हुए थे.
दुष्कर्म पीड़िता की प्रार्थना पर अभियुक्त को पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज दुष्कर्म सहित सभी आरोपों से बरी कर दिया और मुकदमा बंद करने की अनुमति दे दी ।
इस संबंध में पीड़िता द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा ने कहा कि कानून के तहत ऐसे अपराधों के मामले बंद नहीं किए जाते लेकिन फिर भी ऐसे में मुकदमे को जारी रखना भी निरर्थक ही होगा ।
अदालत ने यह भी कहा कि दोनों पक्ष अपना विवाद स्वतंत्र रूप से सुलझा चुके हैं और पीड़िता भी आरोपी पर मुकदमा नहीं चलाना चाहती। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत अपनी अन्तर्निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए मुकदमा बंद करने की अनुमति दे दी ।
नवंबर 2020 में प्रदेश के उधमसिंह नगर जिले के मुख्यालय रूद्रपुर में पीड़िता की मां ने पुलिस में उसके अपहरण के संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बाद में पीडिता को बरामद कर लिया गया था।
हालांकि, मेडिकल जांच में पीड़िता के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद आरोपी के खिलाफ अपहरण के अलावा भारतीय दंड विधान की धारा 376 और पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया ।
रूद्रपुर की फास्ट ट्रैक अदालत में मामले की सुनवाई के बीच पीड़िता ने उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर इसे बंद करने की प्रार्थना की। पीड़िता ने याचिका में दावा किया कि वह जीवन में ‘आगे बढ़’ चुकी है और वह जिंदगी को मुकदमे की बाधाओं के बिना जीना चाहती है।’
याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि परिपक्वता की आयु प्राप्त करने के बाद उसने विवाह कर लिया है और वह अपनी शादी-शुदा जिंदगी के दायित्वों का निर्वाह कर रही है ।
याचिका में यह भी कहा गया कि आरोपी ने भी विवाह कर लिया है और मामले को जारी रखे जाने से दो सुखी गृहस्थियों की बर्बादी ही होगी