उत्तराखंड मौसम अलर्ट: 22 जनवरी की रात से भारी बारिश और बर्फबारी, ऑरेंज अलर्ट जारी

उत्तराखंड मौसम अलर्ट: 22 जनवरी की रात से भारी बारिश और बर्फबारी, ऑरेंज अलर्ट जारी

देहरादून। उत्तराखंड में गुरुवार रात से मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है। मौसम विभाग ने 22 जनवरी की रात से प्रदेश में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अलर्ट के अनुसार 22 जनवरी की रात और 23 जनवरी को 2800 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हो सकती है। इस दौरान कुछ जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक और आंधी-तूफान की भी आशंका है। वहीं 24 जनवरी को भी पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना बनी हुई है।

मौसम विभाग के मुताबिक 22 जनवरी की रात से उत्तराखंड एक तीव्र पश्चिमी विक्षोभ की चपेट में आएगा। यह पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय होगा, जिससे निचले स्तरों पर चक्रवाती हवाएं बनेंगी। साथ ही अरब सागर से नमी का भारी प्रवाह 23 और 24 जनवरी को उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ेगा, जिससे राज्य में भारी बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां तेज होंगी।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का सबसे ज्यादा असर 23 जनवरी को देखने को मिलेगा। इस दिन प्रदेश के पहाड़ी जिलों—उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़—में भारी बर्फबारी की संभावना है। वहीं मैदानी जिलों देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग ने विशेष रूप से पांच जिलों उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लंबे समय से बारिश और बर्फबारी न होने के कारण जहां पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हुई हैं, वहीं किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। ऐसे में यह मौसम परिवर्तन प्रदेश के लिए अहम माना जा रहा है।

पूर्वानुमान के अनुसार 22 जनवरी को कुछ जिलों में बहुत हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हो सकती है। 23 जनवरी को कई पहाड़ी जिलों में भारी बर्फबारी और अन्य क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। 24 जनवरी को भी पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है।
मौसम विभाग ने राज्य सरकार को बर्फबारी को देखते हुए स्नो क्लीयरेंस मशीनों की तैनाती सुनिश्चित करने की सलाह दी है। साथ ही पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक आवागमन से बचने की अपील की गई है।