नई दिल्ली / टापरी: फलों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए डिहाइड्रेशन (Dehydration) एक बेहद असरदार तरीका है। सही तरीके से सुखाए गए फल न सिर्फ लंबे समय तक चलते हैं, बल्कि उनका स्वाद और पोषण भी काफी हद तक बना रहता है।
फलों को सुखाने के प्रमुख तरीके
- धूप में सुखाना (Sun Drying)
यह सबसे पुराना और किफायती तरीका है। फलों को जालीदार ट्रे पर फैलाकर 2–3 दिन तक तेज धूप में रखें। ऊपर से पतला कपड़ा ढक दें, ताकि धूल और कीड़ों से बचाव हो सके। - ओवन में सुखाना (Oven Drying)
ओवन को कम तापमान पर सेट करें और फलों को बेकिंग ट्रे पर रखकर 4–8 घंटे तक सुखाएं। बीच-बीच में पलटते रहें, ताकि फल समान रूप से सूखें। - फूड डिहाइड्रेटर (Food Dehydrator)
यह एक आधुनिक मशीन है, जो फलों को समान रूप से सुखाती है। इससे फलों का रंग और पोषण बेहतर बना रहता है और समय भी कम लगता है। - सोलर ड्रायर (Solar Dryer)
यह सौर ऊर्जा से चलने वाला सुरक्षित और प्रभावी तरीका है। इसमें फल जल्दी सूखते हैं और धूल-मिट्टी व कीड़ों से भी सुरक्षित रहते हैं।
अब फलों को सुखाने के लिए बिजली की जरूरत नहीं पड़ेगी। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के टापरी में एक अनोखी यूनिट शुरू की गई है, जो धरती की गर्मी (जियोथर्मल ऊर्जा) से फल सुखाने और ठंडा रखने का काम करती है।
इस यूनिट का निरीक्षण मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किया। खास बात यह है कि यहां सेब समेत अन्य फलों को बिना बिजली के प्रोसेस किया जाता है, जिससे ऊर्जा की बचत के साथ पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है।
क्या है खास?
- 1000 टन क्षमता वाली यह यूनिट
- फल सुखाने और कोल्ड स्टोरेज दोनों सुविधाएं
- HPMC और आइसलैंड की कंपनी का संयुक्त प्रोजेक्ट
- अब तक करीब 16,000+ किलो फलों की प्रोसेसिंग
किसानों को कैसे होगा फायदा?
इस तकनीक से:
- फल जल्दी खराब नहीं होंगे
- शेल्फ लाइफ बढ़ेगी
- बेहतर कीमत मिलेगी
- नुकसान कम होगा
कैसे काम करती है तकनीक?
टापरी क्षेत्र में मौजूद गर्म पानी के प्राकृतिक स्रोत से मिलने वाली ऊर्जा का उपयोग किया जाता है। इसी जियोथर्मल हीट से फल सुखाए जाते हैं—बिना बिजली खर्च किए।