देहरादून। उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रदेशभर में 50 ‘स्विफ्ट स्कूल’ स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग और ConveGenius Foundation के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित किया गया है।
इस पहल के तहत चयनित स्कूलों में छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए आधुनिक डिजिटल अवसंरचना विकसित की जाएगी। साथ ही फाउंडेशन, Amazon Web Services के सहयोग से छात्र-छात्राओं को 1000 लैपटॉप भी वितरित करेगा। विभाग द्वारा स्विफ्ट स्कूलों के लिए विद्यालयों का चयन कर लिया गया है और अधिकारियों को इनके शीघ्र संचालन के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘स्विफ्ट स्कूल’ एक एकीकृत विद्यालय परिवर्तन मॉडल है, जिसमें व्यक्तिगत शिक्षण, कक्षाओं में आधुनिक तकनीक का उपयोग और शिक्षकों को डेटा आधारित सहायता प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस मॉडल के जरिए छात्रों की सीखने की कमियों की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यक शैक्षणिक सहयोग दिया जाएगा। इससे शिक्षकों को भी बेहतर तरीके से अध्यापन करने में मदद मिलेगी।
स्विफ्ट स्कूलों के संचालन के लिए प्रदेश के 50 विद्यालयों का चयन किया गया है, जिनमें पौड़ी और चंपावत जिले के 19-19 तथा देहरादून और हरिद्वार के 6-6 विद्यालय शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द इन स्कूलों को शुरू कर छात्रों को तकनीकी आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए।