पोखरी (चमोली)। जनपद के पोखरी विकासखंड में ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में एक नई पहल के तहत शुक्रवार को ‘हिलांस रेस्टोरेंट’ का शुभारंभ किया गया। इस सामुदायिक उद्यम का उद्घाटन ग्राम्य विकास मंत्री भरत सिंह चौधरी ने किया। यह रेस्टोरेंट गंगनाली आजीविका सीएलएफ से जुड़े मां अनुसूया स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित किया जाएगा।
उद्घाटन अवसर पर मंत्री ने कहा कि यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ क्षेत्रीय उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों को व्यापक पहचान दिलाने में सहायक होगी। उन्होंने बताया कि रेस्टोरेंट के माध्यम से स्थानीय कृषि एवं पहाड़ी उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ने के अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा और अन्य पर्यटन गतिविधियों के दौरान क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को स्थानीय स्वाद और संस्कृति से परिचित कराने में ऐसे प्रयास महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इससे न केवल स्थानीय खाद्य परंपराओं को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान भी मजबूत होगी।
मंत्री ने रेस्टोरेंट संचालन से जुड़ी महिलाओं को गुणवत्ता, स्वच्छता और बेहतर ग्राहक सेवा पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उनका कहना था कि यदि इन पहलुओं को प्राथमिकता दी जाए तो यह मॉडल अन्य स्वयं सहायता समूहों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जिले के प्रमुख पर्यटन एवं यात्रा मार्गों पर इसी प्रकार के सामुदायिक रेस्टोरेंट विकसित करने की संभावनाओं का अध्ययन करने के निर्देश भी दिए। उनका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों का विस्तार करना है।
मंत्री ने बताया कि यह पहल ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के अंतर्गत संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाना तथा उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने परियोजना के विभिन्न आयामों की जानकारी देते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित उद्यम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ महिलाओं के सशक्तिकरण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
इस दौरान जिला विकास अधिकारी के.के. पंत, खंड विकास अधिकारी पोखरी, रीप परियोजना से जुड़े अधिकारी, ब्लॉक मिशन प्रबंधन इकाई के प्रतिनिधि, गंगनाली आजीविका सीएलएफ के पदाधिकारी तथा विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहीं।