NEP-2020 के छह वर्ष पूरे, नारायण नगर कॉलेज में ‘अखिल भारतीय शिक्षा समागम-2026’ का आयोजन

NEP-2020 के छह वर्ष पूरे, नारायण नगर कॉलेज में ‘अखिल भारतीय शिक्षा समागम-2026’ का आयोजन

संत नारायण स्वामी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नारायण नगर (पिथौरागढ़) में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के सफल छह वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में “अखिल भारतीय शिक्षा समागम-2026” के अंतर्गत जागरूकता एवं जनसंपर्क कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों, उपलब्धियों तथा नवाचारों से अवगत कराना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. मनीष बेलवाल ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिनेश कोहली द्वारा किया गया।

इस अवसर पर डॉ. विवेक आर्या ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रमुख उद्देश्यों, इसके प्रभावी क्रियान्वयन, विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था, कौशल विकास, बहुविषयक शिक्षा तथा रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के विभिन्न आयामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्राप्ति तक सीमित न रखकर उन्हें आत्मनिर्भर, नवाचारी एवं वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाने का प्रयास करती है।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. मनीष बेलवाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारतीय शिक्षा व्यवस्था को अधिक समावेशी, गुणवत्तापूर्ण, लचीला एवं नवाचार आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से नई शिक्षा नीति के विभिन्न प्रावधानों का लाभ उठाकर अपने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक भविष्य को सुदृढ़ बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में डॉ. कुन्दन प्रसाद एवं डॉ. दिनेश कोहली ने विशेष रूप से क्षेत्र में बढ़ती ड्रॉपआउट समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से अपने आसपास के योग्य छात्र-छात्राओं को महाविद्यालय में प्रवेश लेने हेतु प्रेरित करने का अनुरोध किया।

डॉ. कुन्दन प्रसाद ने बताया कि वे पिछले दो वर्षों से अपने सहकर्मी प्राध्यापकों के साथ क्षेत्र के विभिन्न इंटर कॉलेजों में जाकर उच्च शिक्षा के प्रति जागरूकता अभियान चला रहे हैं तथा विद्यार्थियों को महाविद्यालयी शिक्षा के महत्व से अवगत करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीमांत एवं दुर्गम क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी तथा प्रवेश अवधि के दौरान समर्थ (Samarth) पोर्टल की सीमित उपलब्धता के कारण भी कुछ विद्यार्थियों को प्रवेश संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे प्रवेश संख्या प्रभावित होती है।

उन्होंने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से अपील की कि प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी, पंजीकरण अथवा परामर्श हेतु वे महाविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग से संपर्क कर सकते हैं, जहाँ उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, कर्मचारी, विद्यार्थी एवं अभिभावक उपस्थित रहे। अंत में सभी प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुँचाने तथा क्षेत्र में उच्च शिक्षा के प्रसार हेतु सक्रिय सहयोग का संकल्प लिया।